आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश की पहचान बनीं ‘लखपति दीदियां’; मुख्यमंत्री ने लाड़ली बहनों को ‘मिशन मोड’ में सशक्त करने का दिया मंत्र

“हमारी बहनें अब फैक्ट्रियों और उद्योगों का नेतृत्व कर रही हैं।” यह उद्गार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शबरी माता मंदिर परिसर में आयोजित महिला सम्मेलन के दौरान व्यक्त किए। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 5 लाख स्व-सहायता समूहों के माध्यम से 65 लाख बहनें सशक्त हुई हैं और वर्तमान में 12 लाख से अधिक ‘लखपति दीदियां’ कार्यरत हैं।
मुख्यमंत्री ने लाड़ली बहना योजना की प्रगति साझा करते हुए बताया कि:
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कुल वितरण: अब तक बहनों को 52 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि दी जा चुकी है।
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भविष्य का लक्ष्य: सरकार केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि बहनों को कौशल उन्नयन और रोजगार से जोड़कर पूर्णतः आत्मनिर्भर बनाएगी।
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औद्योगिक विकास: ग्वालियर में 12,500 करोड़ रुपये के निवेश से हजारों रोजगार सृजित होंगे, जिसमें फुटवियर क्लस्टर और हाइड्रोजन कारखाने जैसे प्रोजेक्ट शामिल हैं।


