मध्यप्रदेश और वर्ल्ड बायोगैस एसोसिएशन के बीच एमओयू: बायोगैस एक्शन प्लान के क्रियान्वयन में मिलेगी मदद

भोपाल: नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री राकेश शुक्ला ने मंगलवार को बताया कि मध्यप्रदेश शासन और “वर्ल्ड बायोगैस एसोसिएशन” (WBA) के बीच हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) से बायोगैस एक्शन प्लान के क्रियान्वयन में बड़ी मदद मिलेगी।
यह एमओयू भोपाल में मंत्री श्री शुक्ला की उपस्थिति में मध्यप्रदेश बायो फ्यूल स्किम-2025 के अंतर्गत हस्ताक्षरित किया गया। इस अवसर पर वर्ल्ड बायोगैस एसोसिएशन के टेक्नीकल एडवाइजर डॉ. दिलीप कुमार खरे, सीनियर एडवाइजर और पॉलिसी डायरेक्टर डॉ. प्रदीप मोंगा, अपर मुख्य सचिव नवकरणीय ऊर्जा श्री मनु श्रीवास्तव और ऊर्जा विकास निगम के एमडी श्री अमरवीर सिंह बैंस उपस्थित थे।
मंत्री श्री शुक्ला ने एमओयू के लाभ बताए:
- सर्वेक्षण और नीति निर्धारण: नवकरणीय ऊर्जा विभाग, कृषि, पशु कल्याण, नगरीय प्रशासन आदि विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर उपलब्ध बायोफ्यूल का सर्वेक्षण कराएगा, जिससे नीति निर्धारण संबंधी कार्यों में सहायता मिलेगी।
- पायलट प्रोजेक्ट: इंटरनेशनल टेक्नीक पर आधारित बायोगैस संयंत्रों की स्थापना के लिए पायलट प्रोजेक्ट तैयार करने में मदद मिलेगी।
- क्षमता निर्माण (Capacity Building): शैक्षणिक संस्थाओं में आवश्यक पाठ्यक्रम शामिल किए जा सकेंगे और विकासकों के साथ नॉलेज शेयरिंग को बढ़ावा मिलेगा।
- मानकीकरण और प्रमाणीकरण: बायोफ्यूल आधारित परियोजनाओं के मानक निर्धारण और उनकी कार्यशैली/तकनीकी क्षमता के प्रमाणीकरण में सहायता मिलेगी।
श्री शुक्ला ने कहा कि मध्यप्रदेश एक कृषि प्रधान राज्य है और यहाँ पशुधन तथा अपशिष्ट (सॉलिड और लिक्विड वेस्ट) की प्रचुरता है। इन अपशिष्टों से कंप्रेस्ड बायोगैस के निर्माण और उपयोग की असीम संभावनाओं को देखते हुए यह एमओयू प्रदेश के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा।


