मुख्यमंत्री निवास में भाईदूज समारोह: लाड़ली बहनों के लिए ₹1500 की घोषणा, ₹45 हज़ार करोड़ की राशि वितरित

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को मुख्यमंत्री निवास में आयोजित ‘भातृ द्वितीया/यम द्वितीया’ (भाईदूज) के विशेष कार्यक्रम में प्रदेश की $1.26$ करोड़ से अधिक लाड़ली बहनों को संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने इस पर्व को भारतीय संस्कृति की आत्मा और भाई-बहन के पवित्र बंधन के नैसर्गिक संरक्षण का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि यह पर्व सामाजिक एकता और नारी सम्मान का भी प्रतीक है।
लाड़ली बहना योजना में बड़ी वृद्धि
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घोषणा की कि अब प्रदेश की सभी लाड़ली बहनों को हर माह ₹1500 मिलेंगे। उन्होंने कहा कि बहनों के लिए सरकार के खजाने में कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि लाड़ली बहना योजना बहनों के जीवन में नई रोशनी और खुशी जोड़ रही है।
- मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक सरकार 29 किश्तों में करीब ₹45,000 करोड़ की सहायता राशि लाड़ली बहनों को दे चुकी है।
- उन्होंने कहा कि यह योजना बहनों को समृद्धि का सीधा मार्ग और किसी भी जरूरत के वक्त बड़ा संबल देती है।
- मुख्यमंत्री ने खुशी जाहिर की कि मध्यप्रदेश देश का पहला ऐसा प्रदेश है, जहां इस योजना से बहनें हर महीने राखी और भाईदूज मनाती हैं।
बहनों का अभिनंदन और मुख्यमंत्री के विचार
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उपस्थित बहनों पर पुष्पवर्षा कर बधाई दी और उनका आत्मीय स्वागत किया। बहनों ने मुख्यमंत्री को तिलक लगाया, साफा पहनाया और उपहार भेंट किए। निमाड़ी लोकगीत और नृत्य की प्रस्तुति ने माहौल को भाव-विभोर कर दिया। बहनों ने मुख्यमंत्री की दीर्घायु और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बहनों की मुस्कान ही मध्यप्रदेश और सरकार की जमा पूंजी है, और उनका आशीर्वाद सरकार के साथ है, जिससे वे निर्भय होकर काम कर पाते हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री निवास आज बहनों का मायका बना है। उन्होंने रानी दुर्गावती, रानी लक्ष्मीबाई और रानी अवंति बाई लोधी जैसी वीरांगनाओं को भी याद किया।
सशक्तिकरण और स्वावलंबन के लिए अन्य योजनाएं
मुख्यमंत्री ने बहनों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए उठाए गए अन्य कदमों की जानकारी दी:
- रोजगारपरक नीति: उद्योग में काम करने वाली बहनों को ₹5,000 की अतिरिक्त सहायता और अपना उद्योग स्थापित करने पर $2\%$ की अलग से छूट।
- संपत्ति में छूट: बहनों के नाम पर मकान, दुकान और जमीन की रजिस्ट्री कराने पर अलग से छूट का प्रावधान।
- महिलाओं का सम्मान: सरकार ने महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा, शिक्षा और स्वावलंबन को अपनी नीति के केंद्र में रखा है।
- अन्य योजनाएं: लाड़ली लक्ष्मी योजना (वर्तमान में $51$ लाख से अधिक लाभार्थी), मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना, जननी सुरक्षा योजना और देवी अहिल्या नारी सशक्तिकरण मिशन से महिलाओं का जीवन स्तर सुधरा है।
- सुरक्षित कार्य वातावरण: श्रम कानूनों में संशोधन किया गया है ताकि बहनें निश्चिंत होकर किसी भी समय काम कर सकें, और नियोक्ताओं के लिए सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाना अनिवार्य किया गया है।
- स्टार्ट-अप्स: प्रदेश के $47\%$ स्टार्ट-अप्स का नेतृत्व बहनें कर रही हैं।
लाड़ली बहन लाभार्थियों सुश्री पिंकी जैन और सुश्री संगीता ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया और बताया कि इस राशि से उन्हें स्वयं का व्यवसाय (जैसे पापड़ मशीन लगाना) स्थापित करने में मदद मिली है।



