मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया जनप्रतिनिधियों से ‘आत्मनिर्भरता’ के लिए आह्वान

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जबलपुर में सांसद और विधायकों के साथ संवाद करते हुए स्वदेशी व स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने का आह्वान किया, ताकि ‘आत्मनिर्भर भारत’ का लक्ष्य पूरा हो सके।
बैठक के मुख्य निर्देश और बिंदु:
- आर्थिक विकास: कृषि आधारित उद्योगों और नए उद्यमियों को प्रोत्साहित करें। युवाओं को रोजगारपरक कार्यों से जोड़ें।
- योजना क्रियान्वयन: केंद्र और राज्य की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ कमजोर वर्ग के हर व्यक्ति तक पहुँचाने के लिए अतिरिक्त प्रयास करें।
- कृषि फोकस: अगला वर्ष (दो वर्ष के उद्योग अभियान के बाद) कृषि एवं कृषि संबद्ध विकास कार्यों पर केंद्रित होगा।
- किसानों के लिए:
- ‘रानी दुर्गावती श्रीअन्न प्रोत्साहन योजना’ शुरू।
- कोदो-कुटकी की खरीदी न्यूनतम समर्थन मूल्य पर होगी।
- श्रीअन्न उत्पादन को बढ़ावा देने और भावांतर योजना का लाभ किसानों को दिलाने के लिए प्रेरित करें।
- प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करें।
- जननायक और कार्यक्रम:
- 1 नवंबर (स्थापना दिवस) से 25 दिसंबर (अटलजी जयंती) तक कार्यक्रमों की रूपरेखा पर चर्चा।
- 15 नवंबर (बिरसा मुंडा जयंती) पर जनजातीय नायकों (रानी दुर्गावती, रानी अवंतीबाई, राजा शंकर शाह आदि) के आदर्शों को युवाओं तक पहुँचाने पर जोर।
- प्रचार और प्रशासन:
- विधायकों से सरकार की उपलब्धियों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने और विकास कार्यों पर पुस्तिकाएं प्रकाशित करने को कहा।
- जनसुनवाई व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए सुझाव माँगे।
- स्कूलों, आंगनवाड़ियों और अस्पतालों की व्यवस्थाओं में सक्रिय सहयोग दें।
- रक्तदान/स्वास्थ्य शिविर आयोजित करें; आयुष्मान योजना से हृदय रोगियों का उपचार कराएँ।
- ‘पीएमश्री एयर एम्बुलेंस सेवा’ का प्रचार करें।
- विकास समिति: संभाग स्तर के बाद अब जिला स्तर पर ‘जिला विकास समिति’ की बैठकें आयोजित होंगी।
- नक्सल विरोधी कार्रवाई: बालाघाट में नक्सलियों के खिलाफ कार्रवाई की सराहना की, ‘लाल सलाम को आखरी सलाम’ करने की दिशा में प्रगति पर संतोष व्यक्त किया।
बैठक में मंत्री राकेश सिंह, प्रहलाद सिंह पटेल, श्रीमती संपतिया उइके सहित संभाग के सांसद, विधायक और अपर मुख्य सचिव श्री संजय दुबे उपस्थित थे।



