गोपालन को बढ़ावा दें, दुग्ध उत्पादन दोगुना करें: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को मंत्रालय में आयोजित पशुपालन एवं डेयरी विभाग की समीक्षा बैठक में गोपालन और दुग्ध उत्पादन को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में गोपालन को प्रोत्साहन देने के कार्य निरंतर जारी रखे जाएं और दुग्ध सहकारी समितियों की संख्या में लगातार वृद्धि होनी चाहिए।

लक्ष्य: दुग्ध उत्पादन दोगुना मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि विभाग दुग्ध उत्पादन दोगुना करने के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए सभी आवश्यक कार्य सुनिश्चित करे। उन्होंने कहा कि गत दो वर्षों में डेयरी विकास के क्षेत्र में जो महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ हासिल हुई हैं, उन्हें कायम रखा जाए।

पशु चिकित्सा को प्राथमिकता डॉ. यादव ने पशु चिकित्सा को एक महत्वपूर्ण आयाम बताते हुए इसके विस्तार को आवश्यक बताया। उन्होंने कहा कि राज्य के पशुधन के अनुपात में चिकित्सक और सेवाभावी स्टाफ की व्यवस्था से युवाओं को रोज़गार के अवसर भी प्राप्त होंगे।

  • वर्तमान में प्रदेश में 1065 पशु चिकित्सालय स्थापित हैं।

  • आगामी वर्ष 735 नए पशु चिकित्सालय स्थापित करने की प्रक्रिया भी संचालित है।

तेज़ी से होगी 700 पदों पर नियुक्ति मुख्यमंत्री ने विभाग में रिक्त पदों की पूर्ति शीघ्र करने के निर्देश दिए। बैठक में जानकारी दी गई कि:

  • लोकसेवा आयोग द्वारा 200 पशु चिकित्सकों के चयन की प्रक्रिया जल्द ही पूरी हो रही है।

  • कर्मचारी चयन मंडल द्वारा 500 सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारियों के पदों के परिणाम घोषित किए जा चुके हैं, जिनकी पदस्थापना भी शीघ्र होगी।

किसानों को लाभ और गौशालाओं को प्रोत्साहन

  • गौशालाओं को प्रति गाय मिलने वाली राशि को ₹20 से बढ़ाकर ₹40 कर दिया गया है।

  • दुग्ध संघों द्वारा पशुपालकों से खरीदे गए दूध के मूल्य में ₹2.50 से ₹8.50 प्रति लीटर तक की वृद्धि की गई है।

  • मुख्यमंत्री ने घी, गौ काष्ठ (गोबर की लकड़ी), और गौ मूत्र जैसे गाय के उत्पादों के विक्रय की बेहतर व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए।

बैठक में पशुपालन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री लखन पटेल, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button