मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंदसौर से 1.17 लाख किसानों के खातों में भेजी 200 करोड़ की भावांतर राशि; मल्हारगढ़ को मिली विकास कार्यों की बड़ी सौगात

मंदसौर/मल्हारगढ़: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को मल्हारगढ़ में आयोजित ‘अन्नदाता सम्मान समारोह’ में प्रदेश के किसानों के लिए सौगातों का पिटारा खोल दिया। मुख्यमंत्री ने सिंगल क्लिक के माध्यम से सोयाबीन भावांतर भुगतान योजना की अंतिम किश्त के रूप में 1 लाख 17 हजार किसानों के बैंक खातों में लगभग 200 करोड़ रुपये अंतरित किए। इसमें अकेले मंदसौर जिले के 27 हजार से अधिक किसानों को 43 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं।
किसानों के प्रति सरकार का संकल्प: समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान हमारी अर्थव्यवस्था के असली कर्णधार हैं। सरकार उनकी ढाल बनकर खड़ी है ताकि फसल खराब होने पर भी वे आर्थिक रूप से असुरक्षित महसूस न करें। उन्होंने घोषणा की कि आने वाले वर्षों में सरकार सरसों और मूंगफली की फसलों को भी भावांतर योजना के दायरे में लाएगी। साथ ही, 2026 को ‘कृषक कल्याण वर्ष’ के रूप में मनाते हुए कृषि आधारित उद्योगों और फूड प्रोसेसिंग पर जोर दिया जाएगा ताकि किसान अपनी उपज का खुद मूल्य संवर्धन कर सकें।
विकास कार्यों का लोकार्पण व भूमि-पूजन: मुख्यमंत्री ने मंदसौर और मल्हारगढ़ के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं:
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51.91 करोड़ की लागत से मंदसौर-नीमच स्टेट हाईवे पर 4-लेन फ्लाईओवर का भूमि-पूजन।
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25 करोड़ की लागत से निर्मित ‘भगवान श्री पशुपतिनाथ लोक’ की सौगात।
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भुवानी माता मंदिर का जीर्णोद्धार और काका गाडगिल सागर डैम को पर्यटक स्थल बनाने का वादा।
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पिपलियामंडी में रेलवे अंडरब्रिज और नए फ्लाईओवर का निर्माण।



