मध्य प्रदेश की सिंचाई क्षमता 55 लाख हेक्टेयर हुई, 100 लाख का लक्ष्य: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के “विरासत भी, विकास भी” के दृष्टिकोण को मध्य प्रदेश में भी साकार किया जा रहा है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि पीएम मोदी द्वारा रूस के राष्ट्रपति श्री व्लादिमीर पुतिन को रूसी भाषा की गीता भेंट करना इसी अवधारणा का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। मुख्यमंत्री कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में दैनिक स्वदेश ज्योति के ‘विकसित मध्यप्रदेश@2047’ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य के विकास की प्रगति को रेखांकित करते हुए बताया कि वर्ष 2003 के बाद पिछले दो दशकों में मध्य प्रदेश ने विकास के क्षेत्र में बड़ी छलांग लगाई है। उन्होंने बताया कि सिंचाई क्षमता जो पहले केवल 7.50 लाख हेक्टेयर थी, वह अब बढ़कर 55 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गई है और राज्य का लक्ष्य इसे 100 लाख हेक्टेयर तक ले जाने का है। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में 9 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार हुआ है।

स्वास्थ्य सेवाओं पर बात करते हुए, मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। जो संख्या कभी केवल 5 थी, वह अब बढ़कर 39 हो गई है, और नए चिकित्सा महाविद्यालय पीपीपी मॉडल पर खोले जा रहे हैं।

धार्मिक और आध्यात्मिक विकास का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अयोध्या में भगवान श्रीराम के मंदिर के साथ ही, चित्रकूट धाम और ओरछा में रामराजा सरकार के क्षेत्र में भी विकास की पहल हुई है।

बुनियादी ढांचे के विकास के संदर्भ में, मुख्यमंत्री ने इंदौर और भोपाल को मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र के रूप में विकसित करने की घोषणा की, जहां मेट्रो ट्रेन सहित अधोसंरचना के महत्वपूर्ण कार्य प्रगति पर हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में लगभग 8 लाख करोड़ रुपए के कार्य शुरू करने की योजना बनी है, जिससे 6 लाख लोगों को रोजगार मिलने की शुरुआत हुई है।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने दैनिक स्वदेश ज्योति के विशेषांक “विरासत भी-विकास भी” का विमोचन किया और स्वच्छ पत्रकारिता के लिए समाचार पत्र की प्रशंसा की। इस अवसर पर पूर्व केंद्रीय मंत्री श्री सुरेश पचौरी, सांसद श्री आलोक शर्मा, विधायक श्री भगवान दास सबनानी, श्री अक्षत शर्मा और श्री चंद्र लालचंदानी भी उपस्थित थे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button