अंतर्राष्ट्रीय शिक्षा अब MP में: विदेशी विश्वविद्यालयों के केंद्र स्थापित करने के लिए विशेष टास्क फोर्स का होगा गठन

भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्य प्रदेश के छात्रों को स्थानीय स्तर पर ही विश्वस्तरीय शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में एक निर्णायक कदम उठाया है। उन्होंने कहा है कि प्रदेश के विद्यार्थियों को ऐसी अंतर्राष्ट्रीय गुणवत्ता की अकादमिक सुविधाएँ यहीं मिलनी चाहिए, जिससे उच्च शिक्षा के लिए उन्हें विदेश जाकर अध्ययन करने की आवश्यकता कम हो जाए।
बुधवार को ‘सुशासन भवन’ में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घोषणा की कि राज्य सरकार मध्य प्रदेश को वैश्विक शिक्षा मानचित्र पर नई पहचान दिलाने के लिए ‘अंतर्राष्ट्रीय विश्वविद्यालयों के अध्ययन केन्द्रों की स्थापना’ हेतु एक विशेष टास्क फोर्स का गठन करेगी। इस संबंध में आदेश शीघ्र ही जारी किए जाएंगे।
तीन विश्व प्रसिद्ध विश्वविद्यालयों से संवाद जारी
अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान (AGGPAI) के अधिकारियों ने बताया कि इस दिशा में तेज़ी से प्रगति हो रही है। संयुक्त राज्य अमेरिका के दो विश्व विख्यात विश्वविद्यालय Arizona State University (ASU) और Purdue University के साथ ही ताईवान की प्रतिष्ठित Asia University से मध्य प्रदेश में अपने अध्ययन केंद्र स्थापित करने के लिए सक्रिय रूप से संवाद चल रहा है।
टास्क फोर्स का नेतृत्व और उद्देश्य
इस गठित होने वाली टास्क फोर्स का अध्यक्ष प्रो. संतोष विश्वकर्मा को नामांकित किया जा रहा है। यह टास्क फोर्स अंतर्राष्ट्रीय विश्वविद्यालयों के अध्ययन केन्द्रों की स्थापना से जुड़े सभी तकनीकी, शैक्षणिक और कानूनी पहलुओं का अध्ययन करेगी, और इन विश्वविद्यालयों के साथ होने वाले समझौतों (करार) की प्रक्रिया को गति देगी।
लाभ और प्रभाव
राज्य सरकार की मंशा है कि इन प्रतिष्ठित केन्द्रों के खुलने से इंजीनियरिंग, एआई, डेटा साइंस, हेल्थ केयर साइंस, मैनेजमेंट और अन्य उभरते तकनीकी क्षेत्रों में अंतर्राष्ट्रीय पाठ्यक्रम उपलब्ध होंगे। साथ ही, इससे स्थानीय उद्योगों, स्टार्टअप्स और इनोवेशन इकोसिस्टम को उच्च स्तरीय विशेषज्ञता और संयुक्त शोध कार्यक्रमों (Joint Research Programs) का लाभ मिलेगा।
बैठक में AGGPAI के उपाध्यक्ष डॉ. राजीव दीक्षित, प्रमुख सचिव एवं सीईओ श्री गुलशन बामरा और डायरेक्टर श्री ऋषि गर्ग सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।



