श्रमिकों की सच्ची साथी बनी ‘संबल’ योजना: मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- कोई भी श्रमिक परिवार खुद को असहाय न समझे

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने श्रमिकों को संबोधित करते हुए कहा कि संबल योजना केवल आर्थिक सहायता का जरिया नहीं, बल्कि सरकार और मजदूर के बीच ‘भरोसे का रिश्ता’ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि चाहे पत्थर तोड़ने वाले हों, घरों में काम करने वाले हों या तेंदूपत्ता बीनने वाले, सरकार हर उस व्यक्ति तक पहुंच रही है जो विकास की मुख्यधारा से पीछे है।
श्रमिकों के लिए विशेष लाभ:
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शिक्षा: श्रमिक बच्चों की उच्च शिक्षा का पूरा शुल्क अब राज्य सरकार वहन करेगी।
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सुरक्षा: दुर्घटना में मृत्यु होने पर परिवार को 4 लाख रुपये की संबल राशि दी जा रही है।
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आत्मनिर्भरता: “श्रमणा” जैसी योजनाओं के माध्यम से कुशल श्रम शक्ति को सहकारिता से जोड़कर स्वावलंबी बनाया जा रहा है।
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राशन: 25 लाख से अधिक नए ई-श्रमिक परिवारों को मुफ्त राशन की पात्रता दी गई है।



