77वां गणतंत्र दिवस: कर्तव्य पथ पर सजेंगी 30 झांकियां; राज्यों और मंत्रालयों की झांकियों की पूरी सूची यहाँ देखें

आगामी गणतंत्र दिवस परेड भारत की बढ़ती आत्मनिर्भरता और 150 वर्षों की राष्ट्रवादी चेतना का प्रतिबिंब होगी। इस वर्ष कर्तव्य पथ पर निकलने वाली 30 झांकियां देश के प्रशासनिक, तकनीकी और सामाजिक सुधारों की कहानी सुनाएंगी।
मंत्रालयों और सेवाओं का प्रदर्शन: विभिन्न मंत्रालयों की झांकियां सरकार की प्रमुख योजनाओं को रेखांकित करेंगी:
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सुरक्षा और न्याय: गृह मंत्रालय तीन नए आपराधिक कानूनों और आपदा प्रबंधन (एनडीआरएफ) की क्षमता को दिखाएगा। सैन्य कार्य विभाग ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के जरिए तीनों सेनाओं की संयुक्त शक्ति का प्रदर्शन करेगा।
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शिक्षा और कौशल: स्कूल शिक्षा विभाग ‘राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020’ और कौशल विकास मंत्रालय भविष्य के लिए तैयार कार्यबल पर केंद्रित झांकी पेश करेगा।
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ग्रामीण विकास: पंचायती राज मंत्रालय की ‘स्वामित्व योजना’ ग्रामीण समृद्धि के रोडमैप को प्रदर्शित करेगी।
यह आयोजन न केवल एक उत्सव है, बल्कि यह आत्मनिर्भर भारत के विजन को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करने का एक सशक्त माध्यम है।
इस बार की गणतंत्र दिवस परेड में ‘वंदे मातरम’ की गूंज और ‘आत्मनिर्भर भारत’ की झलक प्रमुख होगी। परेड में कुल 30 झांकियां हिस्सा लेंगी, जिनकी सूची और उनके विषय इस प्रकार हैं:
राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की झलक (प्रमुख):
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छत्तीसगढ़ और गुजरात: ‘वंदे मातरम’ और स्वदेशी के माध्यम से आत्मनिर्भरता का संदेश।
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महाराष्ट्र: गणेशोत्सव के जरिए आत्मनिर्भरता का आह्वान।
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उत्तर प्रदेश: बुंदेलखंड की समृद्ध संस्कृति का प्रदर्शन।
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नागालैंड और मणिपुर: हॉर्नबिल महोत्सव और कृषि से अंतरराष्ट्रीय व्यापार तक का सफर।
मंत्रालयों का विशिष्ट योगदान:
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नौसेना और वायु सेना: ‘समुद्र से समृद्धि’ और पूर्व सैनिकों द्वारा राष्ट्र निर्माण।
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संस्कृति और आवास मंत्रालय: वंदे मातरम के 150 वर्षों के स्मरणोत्सव पर विशेष ध्यान।
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आयुष मंत्रालय: ‘आयुष का तंत्र, स्वास्थ्य का मंत्र’ के जरिए पारंपरिक चिकित्सा पर जोर।
यह परेड भारत की प्राचीन परंपराओं और आधुनिक नवाचारों का एक अनूठा संगम होगी, जो ‘विकसित भारत’ के संकल्प को और सुदृढ़ करेगी।



