मौसम अपडेट :

देश के उत्तरी और मध्य हिस्सों में कुदरत का दोहरा प्रहार जारी है। एक तरफ पहाड़ी राज्यों में हुई भारी बर्फबारी ने पारा शून्य के करीब पहुँचा दिया है, वहीं दूसरी तरफ मैदानी राज्यों में बर्फीली उत्तर-पश्चिमी हवाओं ने ठिठुरन बढ़ा दी है।

पहाड़ी राज्यों का हाल (जम्मू-कश्मीर, हिमाचल, उत्तराखंड): बर्फबारी के चलते इन राज्यों के सभी जिलों में तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे बना हुआ है। उत्तराखंड के तीन धामों में बर्फबारी और मसूरी में आधे घंटे तक ओले गिरने से जनजीवन प्रभावित हुआ है। हिमाचल के चंबा, कुल्लू और लाहौल-स्पीति में 6 फरवरी को फिर से बर्फबारी की संभावना है।

मैदानी राज्यों की स्थिति:

  • दिल्ली-हरियाणा-चंडीगढ़: आईएमडी (IMD) ने दिल्ली में आंधी (30-40 किमी/घंटा) और बिजली गिरने की चेतावनी दी है। हरियाणा में कई जगह दृश्यता शून्य रही।

  • उत्तर प्रदेश: बुलंदशहर 9 डिग्री के साथ सबसे ठंडा रहा। राज्य के 21 जिलों में घने कोहरे का ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया गया है।

  • पंजाब: नवांशहर और आदमपुर में विजिबिलिटी महज 10 मीटर दर्ज की गई। 15 जिलों में घने कोहरे का संकट बना हुआ है।

  • बिहार: भागलपुर में न्यूनतम तापमान 8 डिग्री रहा। घने कोहरे के कारण पटना से चलने वाली 6 ट्रेनें देरी से चल रही हैं।

  • राजस्थान व मध्य प्रदेश: राजस्थान में पारा 4 डिग्री तक लुढ़क गया है। मध्य प्रदेश के 20 जिलों में कोहरे और ‘मावठा’ (बेमौसम बारिश) गिरने का अलर्ट है।

उत्तर भारत के मौसम में हालिया बदलाव का मुख्य कारण ‘वेस्टर्न डिस्टरबेंस’ (पश्चिमी विक्षोभ) है। यह भूमध्यसागरीय क्षेत्र से आने वाला एक मौसमी सिस्टम है जो सर्दियों में भारत के उत्तरी भागों में बारिश और ऊंचे इलाकों में बर्फबारी लाता है।

प्रमुख आंकड़े और भविष्यवाणियां:

  • सात दिनों का प्रभाव: अगले एक सप्ताह में तीन क्रमिक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होंगे।

  • विजिबिलिटी का संकट: कोहरे के कारण पंजाब के आदमपुर और नवांशहर में दृश्यता मात्र 10 मीटर रह गई है।

  • तापमान का उतार-चढ़ाव: राजस्थान में वेस्टर्न डिस्टरबेंस का असर खत्म होते ही पारा 4 डिग्री तक लुढ़क गया है। हिमाचल में 9 फरवरी से फिर से बारिश और बर्फबारी का नया दौर शुरू होने की उम्मीद है।

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