पारंपरिक खेती छोड़ वैज्ञानिक पद्धति अपनाएं केला उत्पादक किसान; पैक हाउस और टिश्यू कल्चर से बदलेगी तकदीर

कृषि उन्नयन संवाद के दौरान विशेषज्ञों ने जिले के किसानों को जलवायु परिवर्तन (Climate Change) से निपटने और बेहतर मुनाफे के लिए वैज्ञानिक तकनीक अपनाने की सलाह दी। कार्यक्रम में बताया गया कि खेत के बजाय ‘पैक हाउस’ में पैकिंग करने से केले लंबे समय तक ताजे रहते हैं।
विशेषज्ञों का मार्गदर्शन:
-
टिश्यू कल्चर: डॉ. सुधीर भोंगले और श्री अजहर जैदी ने टिश्यू कल्चर तकनीक के लाभ बताए।
-
महिला भागीदारी: पैकिंग कार्यों में महिलाओं की भूमिका बढ़ाने पर जोर दिया गया ताकि ग्रामीण रोजगार और गुणवत्ता दोनों में सुधार हो।
-
जैविक खेती: खरगोन के श्री अभिषेक पाटीदार ने मिर्च एक्सपोर्ट और प्राकृतिक खेती के सफल मॉडल साझा किए।
प्रगतिशील किसान श्री भरत पाटीदार और श्री बलराम जाट ने भी अपने अनुभव साझा किए। इस दौरान विभाग द्वारा उन्नत बीजों और आधुनिक कृषि यंत्रों की प्रदर्शनी भी लगाई गई, जो आकर्षण का केंद्र रही।



