मिशन मोड पर गिद्ध संरक्षण: मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वन विभाग की पीठ थपथपाई, लुप्तप्राय प्रजातियों के लिए विशेष योजना

भोपाल: हलाली डैम क्षेत्र में आयोजित एक गरिमामयी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वन विभाग और स्थानीय प्रशासन को गिद्ध संरक्षण के सफल प्रयासों के लिए बधाई दी। कार्यक्रम में वरिष्ठ विधायक डॉ. प्रभुराम चौधरी सहित कई जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
प्रमुख घोषणाएं और जानकारी:
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प्रजातियों की विविधता: मध्यप्रदेश में भारतीय गिद्ध (लॉन्ग-बिल्ड), सिनेरियस (ब्लैक वल्चर), मिस्र गिद्ध (व्हाइट स्कैवेंजर) और हिमालयन ग्रिफॉन जैसी दुर्लभ प्रजातियां पाई जाती हैं।
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भविष्य की रणनीति: सरकार बिजली के झटके, विषाक्तता और आवास क्षरण जैसे खतरों से गिद्धों को बचाने के लिए डेटा-आधारित ‘खतरा-निवारण रणनीतियां’ तैयार कर रही है।
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अनुकूलन केंद्र: मुक्त किए गए गिद्धों को भोपाल स्थित ‘गिद्ध संरक्षण प्रजनन केंद्र’ में एक निश्चित अवधि तक अवलोकन में रखने के बाद ही प्रकृति में छोड़ा गया है।
कार्यक्रम का संचालन कमलेश बहादुर सिंह ने किया। इस दौरान जिला पंचायत पदाधिकारी और वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।



