पीएम मोदी की सुरक्षा समिति के साथ बड़ी बैठक, पश्चिम एशिया के एयरस्पेस बंद होने से मचा हड़कंप

ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत के बाद भड़की जंग ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है। भारत में भी इसका व्यापक असर देखा जा रहा है। रविवार रात पीएम आवास पर हुई उच्च स्तरीय बैठक में विदेश में फंसे भारतीयों को निकालने और एयरस्पेस बंद होने से पैदा हुई चुनौतियों पर चर्चा हुई।
पीएम मोदी ने ‘X’ (ट्विटर) के माध्यम से जानकारी दी कि उन्होंने वैश्विक नेताओं से बात कर नागरिकों की जान बचाने पर जोर दिया है। भारत के भीतर भी सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं क्योंकि देश के 15 से ज्यादा शहरों में ईरान के समर्थन में प्रदर्शन हो रहे हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि युद्ध प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले प्रत्येक भारतीय की सुरक्षा उनकी पहली जिम्मेदारी है।
मुख्य बिंदु:
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कूटनीतिक पहल: पीएम मोदी ने UAE और इजराइल के शीर्ष नेताओं से बात कर शांति और स्थिरता की अपील की। भारत ने साफ किया कि वह मुश्किल वक्त में अपने सहयोगियों के साथ है, लेकिन हिंसा का तत्काल खात्मा चाहता है।
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भारतीयों का आंकड़ा: खाड़ी देशों और पश्चिम एशिया में कुल 90 लाख भारतीय हैं। अकेले इजराइल में 40,000 और ईरान में 10,000 भारतीय मौजूद हैं।
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विमानन संकट: मिडिल ईस्ट का हवाई क्षेत्र (Airspace) बंद होने से 1 मार्च को भारत की 350 घरेलू उड़ानें रद्द रहीं। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने यात्रियों को अलर्ट रहने की सलाह दी है।
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दूतावासों की सक्रियता: कुवैत, ऑस्ट्रिया, ओमान और लेबनान स्थित भारतीय दूतावासों ने एडवाइजरी जारी की है। कुवैत में भारतीय राजदूत परमिता त्रिपाठी ने समुदाय के प्रतिनिधियों के साथ वर्चुअल मीटिंग कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।



