पश्चिम एशिया संकट के बीच पीएम मोदी की ‘टेलीफोनिक डिप्लोमेसी’: वेस्ट एशिया संकट पर कुवैत, ओमान, मलेशिया और फ्रांस के राष्ट्राध्यक्षों से की सीधी बात

पश्चिम एशिया (वेस्ट एशिया) में बढ़ते तनाव और युद्ध जैसी गंभीर स्थिति के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक स्तर पर शांति दूत की भूमिका निभाते हुए पिछले 24 घंटों में चार प्रमुख देशों के राष्ट्राध्यक्षों से गहन चर्चा की है। बुधवार से गुरुवार के अंतराल में पीएम मोदी ने ओमान के सुल्तान, फ्रांस के राष्ट्रपति, मलेशिया के प्रधानमंत्री और कुवैत के क्राउन प्रिंस के साथ संवाद स्थापित कर क्षेत्र में स्थिरता बहाल करने पर जोर दिया।
प्रमुख कूटनीतिक बिंदु:
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मलेशिया और फ्रांस के साथ संवाद: पीएम मोदी ने मलेशियाई पीएम अनवर इब्राहिम और फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से बातचीत में स्पष्ट किया कि मौजूदा तनाव का समाधान केवल ‘संवाद और कूटनीति’ (Dialogue and Diplomacy) के माध्यम से ही संभव है। उन्होंने युद्ध की स्थिति को शांत कर कूटनीतिक रास्ते पर लौटने की आवश्यकता जताई।
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ओमान के साथ रणनीतिक एकजुटता: ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक से बातचीत में पीएम मोदी ने ओमान की संप्रभुता के उल्लंघन की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने ‘होर्मुज स्ट्रेट’ में सुरक्षित और मुक्त नौवहन (Free Navigation) की वकालत की, जो वैश्विक व्यापार के लिए जीवनरेखा है।
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कुवैत के साथ सुरक्षा चिंताएं: विदेश मंत्रालय के अनुसार, पीएम मोदी ने कुवैत के क्राउन प्रिंस शेख सबाह से बात कर वहां हुए हमलों की निंदा की और कुवैत में रह रहे विशाल भारतीय समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आभार व्यक्त किया।



