भारत की ऊर्जा सुरक्षा का आधार बना कोयला: कोल इंडिया के भंडार में भारी उछाल, स्टॉक 125 मीट्रिक टन के पार

भारत के आर्थिक विकास की धुरी माने जाने वाले इस्पात और सीमेंट जैसे प्रमुख उद्योगों को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कोयला क्षेत्र ने अपनी कमर कस ली है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करते हुए कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) के भंडार में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। 1 अप्रैल 2025 को जो भंडार 106.78 मीट्रिक टन (MT) था, वह 18 मार्च 2026 तक बढ़कर लगभग 125.54 मीट्रिक टन हो गया है।
आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती: कोयले की उपलब्धता केवल खदानों तक सीमित नहीं है। वर्तमान में लगभग 12 मीट्रिक टन कोयला परिवहन (Transit) में है, जबकि 5.49 मीट्रिक टन बंदरगाहों और माल भंडारों में मौजूद है। सिंगारेनी कोलियरीज (SCCL) और वाणिज्यिक खदानों के पास भी लगभग 21.5 मीट्रिक टन का अतिरिक्त स्टॉक उपलब्ध है। यह सुदृढ़ आपूर्ति श्रृंखला सुनिश्चित करती है कि देश के औद्योगिक पहिये बिना किसी रुकावट के चलते रहें।



