ईरान-होर्मुज संकट: वैश्विक तेल आपूर्ति पर मंडराया खतरा, ऊर्जा बाजार को स्थिर करने के लिए 20 देशों ने बनाया ‘एक्शन प्लान’

होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने की आशंकाओं के बीच दुनिया भर में ऊर्जा संकट गहराने का डर पैदा हो गया है। इसे देखते हुए नीदरलैंड, दक्षिण कोरिया, न्यूजीलैंड, नॉर्वे और स्वीडन जैसे देशों ने एकजुट होकर वैश्विक बाजार को बचाने की कवायद शुरू कर दी है।
बाजार को स्थिर करने के बड़े कदम:
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पेट्रोलियम रिजर्व का उपयोग: सभी देशों ने अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) के उस फैसले का स्वागत किया है, जिसमें आपातकालीन स्थिति के लिए रखे गए ‘स्ट्रेटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व’ को जारी करने की मंजूरी दी गई है।
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उत्पादन में वृद्धि: ऊर्जा बाजार में कीमतों को नियंत्रित करने के लिए कुछ तेल उत्पादक देशों के साथ मिलकर उत्पादन (Output) बढ़ाने पर सहमति बनी है।
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आर्थिक सहायता: संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों (IFIs) के माध्यम से उन देशों की मदद करने का निर्णय लिया गया है, जो इस संकट से सबसे अधिक प्रभावित होंगे।
बयान में जोर दिया गया है कि समुद्री सुरक्षा में किसी भी प्रकार की दखलअंदाजी का सबसे बुरा असर दुनिया के गरीब और कमजोर तबके पर पड़ेगा।



