भारत ने अफगानिस्तान को 13 टन बीसीजी वैक्सीन भेजी, टीबी टीकाकरण कार्यक्रम को मिलेगा बल

भारत ने मंगलवार को अफगानिस्तान में तपेदिक (टीबी) के खिलाफ बच्चों के टीकाकरण कार्यक्रम को मजबूत करने के लिए 13 टन बीसीजी वैक्सीन और संबंधित चिकित्सा सामग्री की खेप भेजी। इस पहल की जानकारी विदेश मंत्रालय ने दी।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि भारत ने अफगानिस्तान के स्वास्थ्य मंत्रालय को बीसीजी वैक्सीन और उससे जुड़ी सूखी सामग्री की आपूर्ति की है, जिससे वहां टीबी के खिलाफ चल रहे टीकाकरण अभियान को गति मिलेगी।

बीसीजी वैक्सीन एक फ्रीज-ड्राइड (लायोफिलाइज्ड) सफेद पाउडर के रूप में उपलब्ध होती है, जिसे उपयोग से पहले तरल पदार्थ (डिलुएंट) के साथ मिलाया जाता है। इसे आमतौर पर 10 से 20 खुराक वाली शीशियों में पैक किया जाता है और इसके उपयोग के लिए ट्यूबरकुलिन सिरिंज तथा 26जी सुई की आवश्यकता होती है। वैक्सीन को 2 से 8 डिग्री सेल्सियस तापमान पर संग्रहित किया जाता है।

यह पहली बार नहीं है जब भारत ने अफगानिस्तान को सहायता प्रदान की है। हाल के दिनों में बाढ़ और भूकंप से प्रभावित अफगानिस्तान को भारत ने 5 अप्रैल को मानवीय सहायता और आपदा राहत सामग्री भेजी थी।

उस समय भी रणधीर जायसवाल ने भारत की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा था कि संकट की घड़ी में भारत अफगानिस्तान के लोगों के साथ खड़ा है। उन्होंने बताया था कि भेजी गई राहत सामग्री में किचन सेट, हाइजीन किट, प्लास्टिक शीट, तिरपाल और स्लीपिंग बैग सहित अन्य आवश्यक वस्तुएं शामिल थीं।

इससे पहले मार्च में भारत ने अफगानिस्तान को 2.5 टन आपातकालीन दवाएं, मेडिकल उपकरण और अन्य आवश्यक सामग्री भी भेजी थी। यह सहायता काबुल के एक अस्पताल पर हुए पाकिस्तानी हमले में घायल लोगों के उपचार के लिए दी गई थी।

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