धार की पावन धरा पर गूंजी शहनाइयां: मुख्यमंत्री ने ‘अभिभावक’ बन 400 जोड़ों पर की पुष्पवर्षा, कहा- बेटियाँ बोझ नहीं वरदान हैं

अक्षय तृतीया के पावन संयोग पर धार जिले के ग्राम सिरसोदिया में ‘मुख्यमंत्री कन्यादान विवाह योजना’ के तहत एक भव्य उत्सव देखा गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्वयं एक अभिभावक की भूमिका निभाते हुए 400 नव-विवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया और उन पर पुष्पवर्षा की।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि धार की यह धरती भगवान श्री कृष्ण और माता रुक्मणी की ऐतिहासिक स्मृतियों से ओतप्रोत है, जिससे इस मांगलिक आयोजन का महत्व और अधिक बढ़ जाता है। उन्होंने पाणिग्रहण संस्कार को भारतीय संस्कृति के 16 संस्कारों में सबसे महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि सामूहिक विवाह सम्मेलन गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए संबल का प्रतीक हैं। डॉ. यादव ने स्पष्ट किया कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य बेटियों को बोझ की जगह वरदान बनाना है और सरकार एक सच्चे मित्र की तरह आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के साथ सदैव खड़ी है।



