‘पुलिस चौपाल’ का कमाल: देवास में घटा अपराध का ग्राफ, सीएम ने पुलिस टीम को 1 लाख रुपये के पुरस्कार से नवाजा

सामुदायिक पुलिसिंग के जरिए अपराधों पर लगाम लगाने का देवास मॉडल अब पूरे प्रदेश के लिए नजीर बन गया है। 21 अप्रैल को सिविल सेवा दिवस पर देवास पुलिस की “पुलिस चौपाल” को नवाचार के लिए मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार प्रदान किया गया। यह पहल जन-सहभागिता और स्मार्ट पुलिसिंग का एक ऐसा मॉडल है जिसने न केवल अपराधियों के हौसले पस्त किए, बल्कि पुलिस और आम आदमी के बीच की दूरी को भी खत्म किया।
सुरक्षा का अभेद्य किला: चौपालों के माध्यम से जिले के सुरक्षा तंत्र को तकनीक से जोड़ा गया है। लगभग 1,100 व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर 22,000 युवाओं को जोड़ा गया, जिससे अपराधों का खुलासा करने में पुलिस को त्वरित सफलता मिल रही है।
सांख्यिकीय सुधार: पुलिस के इस सक्रिय अभियान के कारण जिले में गंभीर अपराधों जैसे हत्या, हत्या के प्रयास और छेड़छाड़ की घटनाओं में भारी गिरावट आई है। महिला अपराधों में कमी के साथ-साथ चोरी की घटनाओं पर भी लगाम लगी है और चोरी गए माल की बरामदगी (रिकवरी रेट) में बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है।



