मध्यप्रदेश में ‘नारी शक्ति वंदन’: तेंदूपत्ता संग्राहक महिलाओं को मिला ₹344 करोड़ से अधिक का सीधा लाभ

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश सरकार ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश की ग्रामीण और वनवासी महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए राज्य सरकार ने तेंदूपत्ता संग्रहण की दरों में ऐतिहासिक वृद्धि की है। सरकार के इस निर्णय से न केवल महिलाओं की आय बढ़ी है, बल्कि समाज में उनकी आर्थिक पहचान भी मजबूत हुई है।

सरकार ने तेंदूपत्ता संग्रहण दर को ₹3,000 से बढ़ाकर ₹4,000 प्रति मानक बोरा कर दिया है। इस वृद्धि के चलते प्रदेश में कुल ₹708.8 करोड़ के पारिश्रमिक का भुगतान किया गया, जिसमें से अकेले महिला संग्राहकों को ₹344.5 करोड़ का सीधा लाभ प्राप्त हुआ है। इसके अतिरिक्त, संग्राहकों को कुल ₹132.42 करोड़ का बोनस भी वितरित किया गया, जिसमें महिलाओं की हिस्सेदारी लगभग ₹64.36 करोड़ रही है।

तेंदूपत्ता संग्रहण क्षेत्र में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि प्रदेश के कुल 40.8 लाख संग्राहकों में से लगभग 19.8 लाख महिलाएं हैं। यह कुल संख्या का लगभग 48.6% है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के अनुसार, यह पहल महिलाओं के आत्मविश्वास और सामाजिक स्थिति को नई ऊंचाई प्रदान कर रही है। साथ ही, सरकार ने ‘चरण पादुका’ योजना और सामाजिक सुरक्षा जैसे लाभों के माध्यम से एक सुरक्षित वातावरण तैयार किया है। ग्राम विकास और वन संरक्षण के लिए भी ₹35.31 करोड़ का विशेष प्रावधान रखा गया है।

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