गेहूं खरीदी में बड़ी राहत: अब शनिवार को भी होगी तौल, केंद्रों की क्षमता और स्लॉट बुकिंग का समय बढ़ा

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में प्रदेश के अन्नदाताओं को गेहूं विक्रय में सुगमता प्रदान करने के लिए राज्य सरकार ने कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। खाद्य मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि अब किसान भाई प्रत्येक शनिवार को भी स्लॉट बुकिंग और उपार्जन का कार्य कर सकेंगे। किसानों की सुविधा के लिए अब वे जिले के किसी भी उपार्जन केंद्र पर अपनी उपज का विक्रय कर सकते हैं, जिससे उन्हें लंबी प्रतीक्षा से मुक्ति मिलेगी।
सरकार ने खरीद केंद्रों पर बुनियादी ढांचे और तकनीकी व्यवस्थाओं को आधुनिक बनाया है। प्रत्येक केंद्र पर हम्माल, तुलावटी, सिलाई मशीन, कंप्यूटर और नेट कनेक्टिविटी के साथ-साथ उपज की सफाई के लिए पंखा और छन्ना जैसी मशीनें उपलब्ध कराई गई हैं। इन सुविधाओं की पुष्टि के लिए भारत सरकार के ‘पीसी सेप’ पोर्टल पर फोटोग्राफ्स भी अपलोड किए जा रहे हैं। भंडारण के लिए जूट बारदानों के साथ-साथ पीपी/एचडीपी बैग्स की पर्याप्त व्यवस्था की गई है ताकि उपार्जित अनाज सुरक्षित रहे।
आर्थिक पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए मंत्री ने साझा किया कि वर्तमान में ₹2625 प्रति क्विंटल (बोनस सहित) की दर से गेहूं खरीदा जा रहा है। उपार्जन प्रक्रिया को तेज करने के लिए तौल क्षमता में दो गुने से अधिक की वृद्धि की गई है। मध्यम और बड़े किसानों के लिए स्लॉट बुकिंग की सुविधा विभिन्न संभागों में चरणबद्ध तरीके से शुरू की जा चुकी है। शासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि लक्ष्य के अनुरूप 100 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन सुचारू रूप से पूर्ण हो और हर पात्र किसान को समय पर उसका भुगतान प्राप्त हो सके।



