डॉ. मोहन यादव कैबिनेट के अहम फैसले: PWD को ₹26,311 करोड़ का बजट, ओबीसी छात्रों की स्कॉलरशिप में छह गुना बढ़ोतरी

मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य के बुनियादी ढांचे और सामाजिक न्याय को प्राथमिकता देते हुए 26,800 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों को स्वीकृति प्रदान की है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में हुई कैबिनेट बैठक में लोक निर्माण विभाग के 2026-31 तक के रोडमैप और पिछड़ा वर्ग के छात्रों के लिए छात्रवृत्ति में क्रांतिकारी बदलाव को मंजूरी दी गई।
कैबिनेट ने पिछड़ा वर्ग विद्यार्थी छात्रगृह योजना-2005 में संशोधन करते हुए दिल्ली में पढ़ रहे छात्रों की आर्थिक मदद 1,550 रुपये से बढ़ाकर 10,000 रुपये प्रतिमाह कर दी है। योजना के तहत हर साल 100 नए छात्रों का चयन किया जाएगा, जबकि पुराने छात्रों को उनका कोर्स पूरा होने तक लाभ मिलता रहेगा। यह राशि उन छात्रों को मिलेगी जो पिछड़ा वर्ग पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए पात्र हैं और जिनकी पारिवारिक आय सरकार द्वारा निर्धारित सीमा के भीतर है।
सड़क और भवन निर्माण क्षेत्र में बड़ी निवेश योजना को मंजूरी देते हुए सरकार ने 1 अप्रैल 2026 से शुरू होने वाली पांच साल की अवधि के लिए 26,311 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। इसमें सरकारी आवासों के रखरखाव के लिए 1,680 करोड़ रुपये और भारतीय सड़क कांग्रेस को अनुदान हेतु 25.50 लाख रुपये का प्रावधान भी शामिल है। इस निवेश का मुख्य उद्देश्य राज्य के जिला मार्गों का नवीनीकरण और विभागीय कार्यक्षमता को बढ़ाना है।
सिंचाई परियोजनाओं के क्रम में शाजापुर की लखुंदर परियोजना को मंजूरी मिली है, जिससे शाजापुर के 17 और तराना (उज्जैन) के 7 गांवों के किसानों को लाभ होगा। लखुंदर नदी के जल को लिफ्ट कर 9,200 हेक्टेयर क्षेत्र में पाइपलाइन के जरिए सिंचाई सुनिश्चित की जाएगी।
शिक्षा और स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए गांधी मेडिकल कॉलेज भोपाल में रेडियोथैरेपी विभाग, बोनमैरो ट्रांसप्लांट यूनिट और कैथलैब जैसे निर्माण कार्यों के लिए 79.16 करोड़ रुपये की संशोधित मंजूरी दी गई। वहीं, आंगनवाड़ियों के विद्युतीकरण के लिए 80.41 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है, जिससे राज्य की 38,901 आंगनवाड़ियों में पंखे, बल्ब और स्मार्ट टीवी जैसी सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी, जिससे शालापूर्व शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा।



