प्रदेश में 7.48 लाख किसानों से 39 लाख टन गेहूँ की रिकॉर्ड खरीदी, मंत्री श्री गोविन्द सिंह राजपूत ने कहा- 23 मई तक जारी रहेगा उपार्जन

मध्यप्रदेश के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविन्द सिंह राजपूत ने सोमवार को गेहूँ उपार्जन की प्रगति की समीक्षा करते हुए बताया कि राज्य में अब तक 7 लाख 48 हजार किसानों से सफलतापूर्वक 39 लाख 2 हजार मीट्रिक टन गेहूँ का उपार्जन किया जा चुका है। प्रदेश सरकार ने किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए खरीदी की अंतिम तिथि को 9 मई से बढ़ाकर अब 23 मई 2026 कर दिया है। इसके साथ ही केंद्रों पर भीड़ प्रबंधन के लिए तौल पर्ची और बिल जारी करने के समय में भी महत्वपूर्ण वृद्धि की गई है।

मंत्री श्री राजपूत के अनुसार, अब तक 14 लाख 75 हजार से अधिक किसानों ने अपनी उपज बेचने के लिए स्लॉट बुकिंग की प्रक्रिया पूरी कर ली है। उपार्जन केंद्रों पर काम के दबाव को देखते हुए तौल कांटों की संख्या को प्रति केंद्र 4 से बढ़ाकर 6 कर दिया गया है। साथ ही, जिला प्रशासन को आवश्यकतानुसार कांटों की संख्या में और वृद्धि करने के अधिकार सौंपे गए हैं। तकनीकी बाधाओं को दूर करने के लिए एनआईसी (NIC) सर्वर की क्षमता बढ़ाई गई है, जिसकी विभाग द्वारा प्रति घंटे निगरानी की जा रही है।

किसानों के भुगतान को लेकर मंत्री ने स्पष्ट किया कि अब तक 6490.56 करोड़ रुपये की राशि किसानों के खातों में हस्तांतरित की जा चुकी है। उपार्जन केंद्रों पर भीषण गर्मी को देखते हुए पेयजल, छायादार बैठने की जगह और अन्य जनसुविधाओं के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। इन व्यवस्थाओं की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए केंद्रों के फोटोग्राफ भारत सरकार के PCSAP पोर्टल पर भी अपलोड किए जा रहे हैं।

उपज की गुणवत्ता और त्वरित तुलाई के लिए केंद्रों पर बारदाने, हम्माल, सिलाई मशीन, कंप्यूटर और इंटरनेट कनेक्शन के साथ-साथ सफाई के लिए पंखे और छन्ने उपलब्ध कराए गए हैं। राज्य सरकार 2585 रुपये प्रति क्विंटल के समर्थन मूल्य पर 40 रुपये का अतिरिक्त बोनस जोड़कर कुल 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूँ खरीद रही है। खरीदी गई उपज को सुरक्षित रखने के लिए जूट और पीपी बैग्स के साथ पर्याप्त भंडारण क्षमता की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button