मध्यप्रदेश में सीवेज प्रबंधन का डिजिटल कायाकल्प: ‘गरुड़ पोर्टल’ से होगी एसटीपी की रीयल-टाइम मॉनिटरिंग

भोपाल। मध्यप्रदेश के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग (UADD) तथा मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कंपनी (MPUDC) ने राज्य में सीवेज प्रबंधन को आधुनिक और पारदर्शी बनाने के लिए एक बड़ी तकनीकी पहल की है। विभाग ने ‘गरुड़ पोर्टल’ लॉन्च किया है, जिसके माध्यम से अब प्रदेश भर के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स (STP) की केंद्रीकृत रीयल-टाइम मॉनिटरिंग की जा सकेगी। इस नवाचार का मुख्य उद्देश्य जल शोधन की गुणवत्ता में सुधार करना और संचालन प्रक्रिया में मानवीय हस्तक्षेप को कम कर दक्षता को बढ़ाना है।

आयुक्त श्री संकेत भोंडवे ने इस प्रणाली की विशिष्टताओं पर जानकारी देते हुए बताया कि विभाग के अधीन संचालित 42 एसटीपी में अत्याधुनिक ‘एससीएडीए’ (SCADA) और ‘ओसीईएमएस’ (OCEMS) सिस्टम को सफलतापूर्वक सक्रिय कर दिया गया है। पहले इन संयंत्रों का डेटा केवल स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध रहता था, जिससे मुख्यालय स्तर पर सटीक निगरानी में बाधा आती थी। अब गरुड़ पोर्टल के जरिए बीओडी (BOD), सीओडी (COD), पीएच मान (pH) और टीएसएस (TSS) जैसे महत्वपूर्ण मानकों की डेटा ट्रैकिंग सीधे यूएडीडी कार्यालय से की जा रही है।

राज्य में वर्तमान में विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत कुल 52 एसटीपी कार्यरत हैं, जिनमें यह उन्नत तकनीक लगाई गई है। विभाग ने लक्ष्य निर्धारित किया है कि आगामी 30 अप्रैल 2026 तक शेष 12 संयंत्रों का डेटा भी पोर्टल पर लाइव कर दिया जाएगा। इस एकीकरण के बाद प्रदेश के सभी प्रमुख सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होंगे।

यह अपनी तरह की पहली केंद्रीकृत निगरानी प्रणाली है जो न केवल डेटा संग्रह करेगी, बल्कि परिचालन निरीक्षण और त्वरित निर्णय लेने में भी सहायक सिद्ध होगी। इस पहल से राज्य में पर्यावरण संरक्षण और नगरीय स्वच्छता के संकल्प को नई शक्ति मिलने की उम्मीद है। जल की गुणवत्ता की निरंतर निगरानी से भविष्य में जल प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकेगा।

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