दिल्ली दौरे पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय नेतृत्व से की भेंट; सुवेंदु अधिकारी को दी बधाई

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को देश की राजधानी में उच्च स्तरीय बैठकें कर मध्य प्रदेश के विकास और राष्ट्रीय राजनीति के प्रमुख घटनाक्रमों पर विमर्श किया। मुख्यमंत्री ने राज्यसभा सांसद नितिन नबीन और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से मुलाकात कर राज्य के हितों पर चर्चा की। इसी कड़ी में, उन्होंने पश्चिम बंगाल में विधायक दल के नए नेता के रूप में सुवेंदु अधिकारी के नाम की घोषणा का स्वागत करते हुए उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं प्रेषित कीं।
पश्चिम बंगाल के भविष्य पर टिप्पणी करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य अब तीव्र विकास की ओर अग्रसर होगा। उन्होंने इस चयन प्रक्रिया में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की भूमिका को लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप बताया। डॉ. यादव का मानना है कि सुवेंदु अधिकारी के मार्गदर्शन में बंगाल में सुशासन और विकास के एक नए युग का प्रारंभ होगा, जो वहां के नागरिकों की आकांक्षाओं को पूर्ण करने में सक्षम होगा।
सांगठनिक चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने नितिन नबीन के साथ राष्ट्रीय और क्षेत्रीय विकास के मुद्दों पर विमर्श किया। उन्होंने श्री नबीन को मध्य प्रदेश आने का औपचारिक आमंत्रण दिया और रेखांकित किया कि राज्य सरकार विकास कार्यों को गति देने के लिए निरंतर सक्रिय है। उन्होंने डबल इंजन सरकार के लाभ गिनाते हुए कहा कि केंद्र के सहयोग से मध्य प्रदेश में विकास की योजनाएं धरातल पर सफलतापूर्वक उतर रही हैं।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के साथ हुई बैठक में शिक्षा जगत में मध्य प्रदेश की उपलब्धियों को साझा किया गया। मुख्यमंत्री ने गर्व के साथ बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को अपनाने में मध्य प्रदेश ने देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। उन्होंने कौशल विकास और भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक शिक्षा व्यवस्था से जोड़ने के प्रयासों पर भी प्रकाश डाला।
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि मध्य प्रदेश के सांदीपनि विद्यालय भविष्य में शिक्षा के मानक के रूप में पहचाने जाएंगे। आगामी माह में केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान मध्य प्रदेश के दो दिवसीय दौरे पर रहेंगे, जहां वे इन विद्यालयों का निरीक्षण करेंगे। इस प्रवास के दौरान युवाओं को समसामयिक विषयों में दक्ष बनाने और उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर प्रदान करने के रोडमैप पर भी केंद्र व राज्य के बीच साझा रणनीति तैयार की जाएगी।


