देवास पटाखा फैक्ट्री हादसा: दिल्ली से लौटकर सीधे अस्पताल पहुंचे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, घायलों का जाना हाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने देवास जिले के टोंककला स्थित पटाखा फैक्ट्री में हुए दुखद हादसे के शिकार नागरिकों से अस्पतालों में मुलाकात की और उनके इलाज की स्थिति की समीक्षा की। इस घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री अपनी संवेदनशीलता दिखाते हुए नई दिल्ली से अन्य सभी पूर्व निर्धारित कार्यक्रमों को रद्द कर सीधे इंदौर पहुंचे। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार इस गंभीर दुर्घटना से प्रभावित हुए सभी पीड़ित परिवारों की पूरी तत्परता के साथ मदद करने के लिए वचनबद्ध है।
इंदौर हवाई अड्डे पर उतरने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव बिना किसी देरी के सीधे चोइथराम अस्पताल के लिए रवाना हुए। वहां उन्होंने देवास हादसे में झुलसे और घायल हुए मरीजों से भेंट की और उनका कुशलक्षेम पूछा। मुख्यमंत्री ने अस्पताल के डॉक्टरों से बात कर घायलों को उच्च स्तरीय और विशेष चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के कड़े निर्देश दिए।
चोइथराम अस्पताल के बाद मुख्यमंत्री महाराजा यशवंतराव (एमवाय) अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने भर्ती घायलों से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। इसके साथ ही उन्होंने अमलतास अस्पताल का भी दौरा किया और वहां उपचाराधीन नागरिकों से व्यक्तिगत रूप से मिलकर ढांढस बंधाया। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी घायलों की देखरेख में कोई कमी न छोड़ी जाए। इस दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी भी उनके साथ मौजूद रहे।
इससे पहले, आज दोपहर में जैसे ही मुख्यमंत्री को इस हादसे की सूचना मिली, उन्होंने दिल्ली में रहते हुए ही देवास जिला प्रशासन को तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू करने के आदेश दे दिए थे। उन्होंने दिल्ली से ही अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा था कि इंदौर भेजे जा रहे मरीजों को तत्काल बेहतर इलाज मिले। मुख्यमंत्री ने इस दुर्घटना में जान गंवाने वाले नागरिकों के परिवारों को मध्य प्रदेश सरकार की तरफ से 4-4 लाख रुपये की आर्थिक मदद देने और सभी घायलों का पूरा इलाज सरकारी खर्च पर निःशुल्क कराने की घोषणा की है।


