मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्रियों से की मुलाकात, मध्य प्रदेश के विकास कार्यों और सिंहस्थ 2028 की तैयारियों पर हुआ मंथन

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को नई दिल्ली का दौरा कर केंद्र सरकार के कई वरिष्ठ मंत्रियों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने राज्य की प्रगति से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों जैसे बुनियादी ढांचे के विकास, धार्मिक पर्यटन, कृषि, सिंचाई, शहरी नियोजन और कानून-व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री की इन बैठकों को प्रदेश के विकास एजेंडे को गति देने तथा आगामी सिंहस्थ महाकुंभ 2028 की व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भेंट कर उन्हें मध्य प्रदेश में चलाए जा रहे नक्सल उन्मूलन अभियानों की प्रगति से अवगत कराया। उन्होंने विशेष रूप से डिंडोरी और बालाघाट जिलों का उल्लेख करते हुए बताया कि वहां सुरक्षा बलों और स्थानीय प्रशासन के समन्वय से विकास एवं शांति बहाली के प्रयास लगातार जारी हैं। इसके अलावा, बैठक में नए आपराधिक कानूनों को प्रभावी ढंग से लागू करने, सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता बनाने और आधुनिक तकनीक आधारित पुलिसिंग पर भी विचार-विमर्श हुआ। मुख्यमंत्री ने गृह मंत्री को बालाघाट आने का न्योता भी दिया, जिस पर केंद्रीय गृह मंत्री ने राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए इन कदमों को सकारात्मक बताया।

धार्मिक पर्यटन और हवाई संपर्क को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री एन राजू राम मोहन नायडू से भी मुलाकात की। इस बैठक में उज्जैन हवाई अड्डा परियोजना को लेकर गहन चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री महाकाल लोक के निर्माण के बाद उज्जैन में श्रद्धालुओं की संख्या में भारी बढ़ोतरी हुई है, जिसके कारण बेहतर एयर कनेक्टिविटी का होना बेहद जरूरी है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री को इस हवाई अड्डा परियोजना के भूमि-पूजन कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आधिकारिक रूप से आमंत्रित किया। साथ ही, बैठक में उज्जैन-इंदौर मेट्रोपॉलिटन प्लानिंग अथॉरिटी के ढांचे और इंदौर-उज्जैन कॉरिडोर में बढ़ती आर्थिक गतिविधियों पर भी बात हुई।

शहरी विकास और अधोसंरचना के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल से मुलाकात की। उन्होंने बताया कि साल 2028 में उज्जैन में आयोजित होने वाले सिंहस्थ महाकुंभ को वैश्विक स्तर का बनाने के लिए राज्य सरकार अभी से बुनियादी ढांचे के विकास, यातायात प्रबंधन और शहरों के विस्तार पर काम कर रही है। इस दौरान स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स, स्वच्छता मिशन और आधुनिक शहरी नियोजन पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने इंदौर-उज्जैन और भोपाल मेट्रोपॉलिटन अथॉरिटी के गठन की जानकारी देते हुए बताया कि बढ़ते शहरीकरण को देखते हुए प्रदेश में मेट्रोपॉलिटन आधारित विकास मॉडल पर ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गरीबों को मकान देने की राज्य की उपलब्धि का भी विशेष रूप से उल्लेख किया।

कृषि और जल प्रबंधन के क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटील के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। डॉ. यादव ने राज्य में हुए बंपर उत्पादन का हवाला देते हुए केंद्र सरकार से गेहूं खरीदी का लक्ष्य बढ़ाने का अनुरोध किया। उन्होंने बताया कि प्रदेश में अब तक 75 लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूं की खरीद की जा चुकी है। बैठक में बेतवा-पार्वती-कालीसिंध लिंक परियोजना की प्रगति की समीक्षा करने के साथ-साथ जल संरक्षण, सिंचाई के विस्तार और नदियों को पुनर्जीवित करने के अभियानों पर चर्चा की गई। इसके अतिरिक्त, किसानों को सस्ती बिजली देने, प्रधानमंत्री कुसुम योजना, सौर ऊर्जा के विस्तार और फूड प्रोसेसिंग व वेयरहाउसिंग जैसे कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने पर भी सहमति बनी।

नई दिल्ली में मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समान नागरिक संहिता (यूनिफॉर्म सिविल कोड) को लेकर भी एक बड़ा बयान दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि मध्य प्रदेश में यूसीसी को लागू करने की वैधानिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लिए एक विशेष समिति का गठन किया जा चुका है, जिसकी शुरुआती बैठक भी संपन्न हो चुकी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार इस संवेदनशील विषय पर सभी वर्गों, समाजों और संबंधित पक्षों से सुझाव आमंत्रित करेगी। इसी व्यापक संवाद और फीडबैक के आधार पर आगामी रूपरेखा तय की जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार सामाजिक समरसता और संवैधानिक मर्यादाओं को ध्यान में रखकर ही कदम उठाएगी।

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