मध्यप्रदेश पुलिस की बड़ी कामयाबी: सिंगरौली से अगवा हुई दो साल की मासूम झारखंड से सकुशल बरामद, आरोपी गिरफ्तार

सिंगरौली पुलिस ने मुस्तैदी और तकनीकी क्षमता का परिचय देते हुए 16 मई को बस स्टैंड से अगवा की गई एक दो वर्षीय बच्ची को महज 36 घंटे के भीतर झारखंड से सुरक्षित छुड़ा लिया है। यह त्वरित कार्रवाई पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा के उन निर्देशों के बाद की गई है, जिसमें उन्होंने राज्य के लापता और अपहृत बच्चों की जल्द से जल्द तलाश के लिए निरंतर अभियान चलाने को कहा है। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई के बाद बच्ची को सुरक्षित उसके परिवार को सौंप दिया गया है।

घटनाक्रम के अनुसार, बैढ़न थाने में दर्ज कराई गई शिकायत में फरियादी ने बताया था कि वह 16 मई की रात बैढ़न बस स्टैंड पर अपनी दो साल की बेटी के साथ सोया हुआ था। अचानक रात में जब उसकी नींद टूटी, तो बेटी वहां मौजूद नहीं थी। आसपास के पूरे इलाके में तलाश करने के बाद भी जब बच्ची का सुराग नहीं मिला, तो पीड़ित ने किसी अज्ञात शख्स द्वारा बच्ची का अपहरण किए जाने की आशंका जताते हुए पुलिस से मदद गुहार लगाई, जिसके बाद पुलिस ने तत्काल प्रभाव से तफ्तीश शुरू की।

अपहरण की घटना को गंभीरता से लेते हुए जिला पुलिस अधीक्षक षियाज के.एम. ने एक विशेष एसआईटी (SIT) टीम तैयार की। उप पुलिस अधीक्षक रोशनी पटेल सहित विभिन्न थाना व चौकी प्रभारियों की देखरेख में 150 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की कुल 10 विशेष टीमें इस मिशन में जुट गईं। पुलिस अधीक्षक ने मामले में तेजी लाने के उद्देश्य से बच्ची और अपहरणकर्ता के बारे में सुराग देने वाले व्यक्ति को 10,000 रुपये का पुरस्कार देने की भी घोषणा की थी।

तलाश के दायरे को बढ़ाते हुए सिंगरौली पुलिस ने राज्य के अन्य जिलों और सीमावर्ती राज्यों की पुलिस को रेडियो मैसेज भेजकर अलर्ट किया। बैढ़न, विंध्यनगर, मोरवा, बरगवां और माड़ा के बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, अस्पताल, डैम, नदियों और वीरान पड़े इलाकों में सघन तलाशी ली गई। जांच टीम ने इस दौरान करीब 200 सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग को खंगाला। इसके अलावा, आम जनता की मदद के लिए बच्ची के फोटो वाले पोस्टर सार्वजनिक स्थानों, बसों और ऑटो पर चिपकाए गए तथा सोशल मीडिया का भी सहारा लिया गया।

तकनीकी विश्लेषण और सीसीटीवी फुटेज की मदद से पुलिस को एक संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दिया, जो बच्ची को अपने साथ लेकर बैढ़न से बिलौजी होते हुए माजन मोड़ की तरफ जा रहा था। जब पुलिस ने रूट पर चलने वाले बस और ऑटो चालकों से कड़ाई से पूछताछ की, तो संदिग्ध की पहचान झारखंड के लातेहार जिला अंतर्गत बालूमार थाना क्षेत्र के ग्राम मासीआतो निवासी के रूप में हुई। यह साफ हो गया कि आरोपी बच्ची को लेकर अपने गृह राज्य भाग चुका है।

इस इनपुट के मिलते ही पुलिस की टीमें बिना वक्त गंवाए झारखंड के लिए रवाना हो गईं। वहां पहुंचकर पुलिस ने घेराबंदी की और आरोपी को उसके निवास स्थान से गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से दो वर्षीय अपहृत बालिका को पूरी तरह सुरक्षित बचाकर सिंगरौली लाया गया और माता-पिता के सुपुर्द किया गया। इस सफलता के बाद मध्यप्रदेश पुलिस ने आम जनता से अनुरोध किया है कि बच्चों के लापता होने या किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत डायल-112 या पास के थाने में दें। पुलिस ने दोहराया कि ‘मुस्कान अभियान’ के तहत बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा के लिए ऐसे अभियान भविष्य में भी दृढ़ता से जारी रहेंगे।

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