मध्यप्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान का व्यापक विस्तार, उज्जैन में शिप्रा तीर्थ परिक्रमा और भोपाल में ‘सदानीरा समागम’ की तैयारियां तेज

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कुशल नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार राज्य को जल के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार ठोस प्रयास कर रही है। नदियों, तालाबों और पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण तथा पुनरुद्धार के उद्देश्य से शुरू किया गया ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ अब जनभागीदारी के साथ एक बड़े आंदोलन में बदल चुका है। इस कल्याणकारी अभियान के तहत राज्य भर में अब तक रिकॉर्ड 1 लाख 81 हजार 763 जल संरक्षण संबंधी कार्यों को सफलतापूर्वक संपन्न किया जा चुका है।

इसी अभियान के अंतर्गत, महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ द्वारा उज्जैन की पवित्र नगरी में आगामी 25 और 26 मई को ‘शिप्रा तीर्थ परिक्रमा’ का भव्य आयोजन किया जा रहा है। इस सांस्कृतिक और धार्मिक उत्सव में देश की जानी-मानी लोक गायिका मैथिली ठाकुर सहित कई प्रसिद्ध कलाकार अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देंगे। इसके तुरंत बाद, वीर भारत न्यास के तत्वावधान में भोपाल स्थित भारत भवन में 27 मई से 2 जून 2026 तक सात दिवसीय ‘सदानीरा समागम’ का आयोजन होने जा रहा है, जो जल संरक्षण के क्षेत्र में एक मील का पत्थर साबित होगा।

उज्जैन में होने वाली शिप्रा तीर्थ परिक्रमा के संबंध में मुख्यमंत्री के सांस्कृतिक सलाहकार और महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ के निदेशक श्री श्रीराम तिवारी ने विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि गंगा दशमी के पावन अवसर पर आयोजित यह यात्रा 25 मई को रामघाट से शुरू होगी और नृसिंहघाट, कर्कराज मंदिर, वेधशाला, महामृत्युंजय द्वार तथा प्रशांतिधाम शनि मंदिर से गुजरते हुए दत्त अखाड़ा घाट पर पहुंचेगी, जहां श्रद्धालु रात्रि विश्राम करेंगे। अगले दिन यह परिक्रमा रणजीत हनुमान मंदिर, भैरवगढ़, सिद्धवट, मंगलनाथ, सांदीपनि आश्रम, गढ़कालिका और गोपाल मंदिर से होती हुई वापस रामघाट पर समाप्त होगी। इस विशेष मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा माँ शिप्रा को 300 फीट लंबी चुनरी अर्पित की जाएगी।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में 17 मई से ही रामघाट पर पंडित ढोली बुआ द्वारा ‘हरिकथा’ का गायन प्रतिदिन शाम 7:30 बजे से किया जा रहा है। इसके अलावा दत्त अखाड़ा घाट पर आयोजित होने वाली भजन संध्या में इंदौर के श्रेयश शुक्ला और जबलपुर की प्रसिद्ध लोक गायिका संजो बघेल अपने साथियों के साथ प्रस्तुतियां देंगे। 26 मई के मुख्य आकर्षणों में भारतीय नौसेना (इंडियन नेवी) के बैंड की धुनें, मुंबई के केशवम् बैंड द्वारा भजन जैमिंग और मैथिली ठाकुर के सुरीले भजन शामिल होंगे।

भोपाल के भारत भवन में आयोजित होने वाले ‘सदानीरा समागम’ का उद्घाटन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 27 मई को शाम 7 बजे करेंगे। इस गरिमामयी समारोह की अध्यक्षता संस्कृति, पर्यटन और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी करेंगे, जबकि इसरो हैदराबाद के भू-विज्ञान समूह के समूह निदेशक डॉ. ईश्वर चंद्र दास विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे। इस समागम में जल, पृथ्वी, वायु, आकाश और अग्नि (पंचमहाभूतों) पर केंद्रित राष्ट्रीय विमर्श होगा, जिसमें इसरो, टाटा ट्रस्ट, ओएनजीसी, वेदांता ग्रुप जैसी बड़ी कॉपोरेट संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ-साथ फिजी, वेनेजुएला, मैक्सिको और नेपाल सहित नौ देशों के राजनयिक भी शामिल होंगे।

इस सात दिवसीय समागम में देश की नामचीन संस्थाओं के विशेषज्ञ भूगर्भीय जल स्रोतों और पर्यावरण पर चर्चा करेंगे। साथ ही प्रतिदिन शाम को भारत भवन में विभिन्न नृत्य-नाटिकाएं और लोक प्रस्तुतियां आयोजित की जाएंगी, जिनमें दक्षिण कोरिया की ‘मूट डांस कंपनी’ की विशेष प्रस्तुति और मालवा, निमाड़, बुंदेलखंड व बघेलखंड के लोक नृत्य शामिल हैं। इसके अलावा 28 मई से 2 जून तक ‘प्रवाह फिल्म समारोह’ के तहत जल संकट पर आधारित 30 डॉक्यूमेंट्री फिल्मों का प्रदर्शन किया जाएगा। समारोह में जल और संस्कृति पर आधारित 6 विशेष पुस्तकों का विमोचन भी होगा, जिसे भारत भवन, मध्यप्रदेश जनजातीय संग्रहालय और जिला प्रशासन भोपाल सहित कई शैक्षणिक एवं प्रशासनिक संस्थाओं के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है।

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