मध्य प्रदेश में ‘पीएम सूर्य घर योजना’ की तेज रफ्तार, 456 मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन के साथ सवा लाख से अधिक परिवार हुए लाभांवित

केंद्रीय ऊर्जा नीतियों के क्रियान्वयन को लेकर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक आधिकारिक वक्तव्य में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन में संचालित ‘पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना’ भारत को स्वच्छ ऊर्जा के वैश्विक मानचित्र पर एक महाशक्ति के रूप में स्थापित कर रही है। देश को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के संकल्प को रेखांकित करते हुए उन्होंने साझा किया कि पूरे भारत में अब तक 40 लाख घरों की छतों पर सोलर पैनल सक्रिय किए जा चुके हैं। मध्य प्रदेश इस मामले में अग्रणी भूमिका निभा रहा है, जहाँ 1 लाख 29 हजार 971 घरों में यह संयंत्र सफलतापूर्वक चालू हो चुके हैं और वहाँ के नागरिक अब बिजली बिल की परेशानी से मुक्त होकर पर्यावरण अनुकूल ऊर्जा का उपयोग कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य की प्रगति रिपोर्ट साझा करते हुए बताया कि प्रदेश के इन घरेलू सोलर संयंत्रों की मदद से वर्तमान में 456 मेगावाट से अधिक क्षमता की स्वच्छ सौर ऊर्जा पैदा की जा रही है, जो राज्य के पावर ग्रिड और पर्यावरण दोनों के लिए बेहद मुफीद है।
इस बीच, केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के अंतर्गत काम करने वाले नेशनल पोर्टल के ताजा आंकड़ों से यह साफ हुआ है कि मध्य प्रदेश में योजना का लाभ उठाने वाले परिवारों की संख्या बढ़कर 1 लाख 34 हजार 436 तक पहुँच गई है। हितग्राहियों को वित्तीय राहत देने की दिशा में तत्परता दिखाते हुए सरकार द्वारा अब तक कुल 901.92 करोड़ रुपये की अनुदान राशि लाभार्थियों के लिए जारी की जा चुकी है, जिससे उपभोक्ताओं पर आने वाला शुरुआती वित्तीय भार काफी कम हुआ है।
विभागीय कार्ययोजना के संबंध में अधिकारियों ने पुष्टि की है कि राज्य सरकार के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग ने प्रदेश के कुल 6 लाख परिवारों के घरों को इस योजना से जोड़ने का लक्ष्य रखा है। इस महत्वाकांक्षी लक्ष्य को हासिल करने के लिए विभाग की टीमें निरंतर सक्रियता से काम कर रही हैं। वर्तमान स्थिति यह है कि सरकार को इस योजना के तहत सोलर पैनल लगवाने के लिए जनता की ओर से अब तक 2 लाख 4 हजार 601 आवेदन मिल चुके हैं, जो इस योजना के प्रति आम लोगों के बढ़ते भरोसे को दर्शाता है।



