मध्य प्रदेश: राजगढ़ और आगर मालवा में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, मानव तस्करी और बाल विवाह रैकेट का भंडाफोड़

मध्य प्रदेश पुलिस ने महिला सुरक्षा को अपनी प्राथमिकता में रखते हुए राजगढ़ और आगर मालवा जिलों में गंभीर अपराधों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। पुलिस टीमों ने त्वरित कार्रवाई और तकनीकी दक्षता की मदद से बाल विवाह, मानव तस्करी, दुष्कर्म और महिलाओं के शोषण से जुड़े मामलों में आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन मामलों से साफ है कि राज्य में महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध करने वालों के प्रति कड़ा रुख अपनाया जा रहा है।
राजगढ़ जिले के कोतवाली थाने की पुलिस ने एक 12 वर्षीय नाबालिग लड़की के बाल विवाह, खरीद-फरोख्त और शारीरिक शोषण के मामले का पर्दाफाश किया है। पुलिस अधीक्षक अमित तोलानी के मार्गदर्शन में की गई इस कार्रवाई में 6 नामजद आरोपियों में से 5 को हिरासत में ले लिया गया है। पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि पीड़िता के पिता के निधन के बाद उसकी मां का दूसरा विवाह गुना निवासी पवन उर्फ परमाल गुर्जर के साथ हुआ था, जो बाद में पीड़िता और उसकी मां को राजगढ़ ले आया।
जांच के अनुसार, आरोपियों ने एक सोची-समझी साजिश के तहत 3 फरवरी 2025 को इस 12 साल की नाबालिग बच्ची की शादी भोला उर्फ भोलाराम गुर्जर से करवा दी थी। इस अवैध बाल विवाह के बदले आरोपियों ने लाखों रुपये की नकदी और आभूषण प्राप्त किए थे। विवाह संपन्न होने के बाद नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया गया और उसे लगातार शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। इस संवेदनशील मामले में अन्य आरोपियों द्वारा भी पीड़िता का शोषण किए जाने की बात उजागर हुई है।
इस पूरे मामले की जानकारी मिलने पर थाना प्रभारी ने संवेदनशीलता दिखाते हुए पीड़िता की उचित काउंसलिंग करवाई, जिसके बाद नाबालिग ने हिम्मत जुटाकर पूरी घटना पुलिस को बताई। इसके बाद राजगढ़ कोतवाली थाने में पॉक्सो (POCSO) एक्ट, जेजे (JJ) एक्ट और बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने जिन आरोपियों को पकड़ा है, उनमें भोला उर्फ भोलाराम गुर्जर, देवराज गुर्जर, सागर गुर्जर, शैतानबाई और पीड़िता की मां शामिल हैं। मुख्य आरोपी पवन उर्फ परमाल गुर्जर अभी फरार है, जिसकी गिरफ्तारी पर एसपी राजगढ़ ने 10 हजार रुपये का इनाम रखा है।
एक अन्य मामले में, आगर मालवा के बड़ौद थाना पुलिस ने मानव तस्करी और जबरन विवाह कराने की कोशिश को नाकाम करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया और पीड़ित युवती को सुरक्षित बचाया। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक दिलीप कुमार सोनी के निर्देशन में पूरी की गई। बैतूल की रहने वाली पीड़ित युवती ने शिकायत दर्ज कराई थी कि जब वह रोजगार के सिलसिले में इंदौर जा रही थी, तब शाहपुर बस स्टॉप से कुछ लोगों ने उसे नौकरी का झांसा देकर गाड़ी में बैठा लिया। आरोपियों की योजना युवती को मोटी रकम के बदले राजस्थान के एक व्यक्ति को बेचने और जबरन शादी कराने की थी। विरोध करने पर उसे जान से मारने और कहीं और बेचने की धमकी भी दी गई थी।
इस दौरान पीड़िता ने समझदारी दिखाते हुए आगर पुलिस कंट्रोल रूम को घटना की सूचना दे दी। जानकारी मिलते ही डायल-112, कंट्रोल रूम और बड़ौद थाना पुलिस सक्रिय हो गई। पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण और लोकेशन ट्रैकिंग के जरिए राजस्थान सीमा के पास घेराबंदी की। पुलिस को देखकर आरोपियों ने भागने की कोशिश की, लेकिन टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए युवती को सकुशल छुड़ा लिया और आरोपी ईश्वर सिंह बागरी को गिरफ्तार कर लिया। बड़ौद थाने में मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है। मध्य प्रदेश पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अपराधियों के खिलाफ इस तरह की सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।



