शाजापुर को मिली 388 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुजालपुर में किया ‘कॉलेज चलो अभियान’ का आगाज

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शाजापुर जिले के शुजालपुर में आयोजित एक भव्य समारोह में शिरकत की। यहाँ उन्होंने राज्यव्यापी ‘कॉलेज चलो अभियान’ के साथ-साथ महाविद्यालयीन प्रवेश प्रक्रिया का औपचारिक शुभारंभ किया। इस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने क्षेत्र की प्रगति के लिए 388 करोड़ रुपये की लागत वाली कुल 43 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार सहित कई प्रमुख जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने देश के विकास में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्षों के कार्यकाल को स्वर्णिम बताया और उनका अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश भी इसी मार्गदर्शन में आगे बढ़ रहा है। स्वास्थ्य शिक्षा का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि राज्य के गठन के बाद जहां सिर्फ 5 मेडिकल कॉलेज थे, वहीं वर्तमान सरकार के जनहितैषी प्रयासों से बीते दो साल में ही 7 नए मेडिकल कॉलेजों की सौगात प्रदेश को मिली है। उन्होंने शुजालपुर के ऐतिहासिक संदर्भों का उल्लेख करते हुए इसे सम्राट विक्रमादित्य के काल से जुड़ा और जिले की सबसे समृद्ध तहसील बताया।
चिकित्सा और स्वास्थ्य अधोसंरचना को सुदृढ़ करने की दिशा में मुख्यमंत्री ने 70 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले आयुर्वेदिक महाविद्यालय एवं चिकित्सालय और 14 करोड़ 37 लाख रुपये की लागत वाले 50 बिस्तरों के आयुष चिकित्सालय का भूमि-पूजन किया। इसके अतिरिक्त, शिक्षा और प्राथमिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए 122 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित चार सांदीपनि विद्यालयों (माँ शारदा, महाराणा प्रताप, मिहिर भोज और राजा भोज सांदीपनि विद्यालय) तथा 14 करोड़ 58 लाख रुपये की लागत से बने 4 नए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का लोकार्पण भी संपन्न हुआ।
कृषि और सुशासन पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2002-03 तक राज्य में केवल साढ़े 7 लाख हेक्टेयर भूमि ही सिंचित थी और ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली-सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव था। वर्तमान सरकार ने सिंचाई का दायरा बढ़ाकर किसानों को फसलों का उचित मूल्य दिलाया है, जिसके तहत इस वर्ष 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं की रिकॉर्ड खरीदी की गई है। उन्होंने केंद्र सरकार की सराहना करते हुए कहा कि देश में 25 करोड़ से अधिक लोग गरीबी रेखा से बाहर आए हैं। साथ ही उन्होंने उज्जैन, अयोध्या और धार की भोजशाला का संदर्भ देते हुए न्यायिक निर्णयों को लागू करने की प्रतिबद्धता दोहराई और आगामी ढाई वर्षों में विकास कार्यों को और गति देने का संकल्प लिया।
समारोह में उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने शाजापुर को शिक्षा और आयुष के क्षेत्र में मिली इन सौगातों को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने जानकारी दी कि सरकार प्रदेश में 11 नए आयुर्वेदिक महाविद्यालय शुरू करने के लक्ष्य पर काम कर रही है, जिसमें से 9 कॉलेज खोलने की दिशा में कदम बढ़ाए जा चुके हैं। इसके अलावा उज्जैन में एक शासकीय होम्योपैथिक महाविद्यालय भी खोला जाएगा। उन्होंने राज्य को नई शिक्षा नीति लागू करने में अग्रणी बताते हुए हर जिले में पीएमश्री एक्सीलेंस कॉलेजों की स्थापना और बोर्ड परीक्षाओं के बेहतर परिणामों का उल्लेख किया। सांसद महेंद्र सिंह सोलंकी ने भी स्वीकृत मंदसौर-भोपाल फोरलेन मार्ग से गुना, राजगढ़, शाजापुर और शुजालपुर क्षेत्र को होने वाले फायदों के बारे में बताया।
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुजालपुर क्षेत्र के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। इनमें पुलिस चौकी शुजालपुर से भीलखेड़ी-मेहरखेड़ी होते हुए कालापीपल तक टू-लेन सड़क, शाजापुर बायपास-आष्टा रोड से पचोर रोड-शुजालपुर बायपास का निर्माण, अकोदिया में नए कॉलेज की स्थापना, गौलाना में बायपास रोड का निर्माण और गौलाना को नगर पंचायत का दर्जा देना शामिल है। इसके साथ ही शुजालपुर में पुलिस कर्मियों के लिए आवास और मण्डी थाने में 50 नए सुरक्षा बलों की वृद्धि को मंजूरी दी गई। कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री ने शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय से डेढ़ किलोमीटर लंबा रोड शो किया, जहां विभिन्न सामाजिक संस्थाओं और आम जनता ने मंचों से उन पर पुष्प वर्षा कर स्वागत किया।


