मध्य प्रदेश को ‘मिल्क कैपिटल’ बनाने का लक्ष्य, सहकारिता संस्थाओं में वित्तीय गड़बड़ी करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई

विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में शुक्रवार को अपेक्स बैंक मुख्यालय परिसर में एक राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जलवायु परिवर्तन के खतरों के प्रति सचेत करते हुए कहा कि मानव अस्तित्व को बचाने के लिए पर्यावरण का संरक्षण और प्रकृति के अनुकूल जीवन शैली अपनाना आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर ‘एक पेड़ माँ के नाम’ मुहिम के तहत आम के पौधे का रोपण कर प्रदेशव्यापी हरित अभियान को गति दी।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने सहकारिता के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का खाका प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है और राज्य सरकार ने उत्पादन दर को 8 प्रतिशत से सुधारकर 20 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा है। वर्तमान में प्रतिदिन 13 लाख लीटर दूध का अतिरिक्त संग्रहण दर्ज किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने ‘अमूल’ के समृद्धि मॉडल का उदाहरण देते हुए कहा कि राज्य सरकार ‘सांची’ उपक्रम के माध्यम से दुग्ध उत्पादकों को प्रोत्साहित कर रही है। इसके साथ ही गौवंश संरक्षण और उद्यानिकी फसलों को बढ़ावा देने के साथ-साथ शिवपुरी के कोलारस में नई शुगर फैक्ट्री की स्थापना की जाएगी।

सहकारी साख व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के संबंध में मुख्यमंत्री ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि प्राथमिक सहकारी समितियों (पेक्स) में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पाए जाने पर केवल दोषी अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई होगी। संस्था के निर्बाध संचालन के लिए पूरे प्रबंध किए जाएंगे ताकि किसान सदस्यों को कोई असुविधा न हो। किसानों को वित्तीय राहत देने के उद्देश्य से उन्होंने फसल ऋण चुकता करने की समय-सीमा को 31 मार्च से बढ़ाकर 31 मई करने की प्रतिबद्धता जताई, जिससे किसान समय पर अपना टर्नओवर पूरा कर सकें और डिफॉल्टर होने से बच सकें।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के सुशासन के 13वें वर्ष की शुरुआत के अवसर पर प्रदेश में ‘एक पेड़ माँ के नाम 2.0 अभियान’ शुरू किया गया है। 5 जून से 21 जून तक चलने वाले इस विशेष पखवाड़े में राज्य की सभी सहकारी समितियों के माध्यम से व्यापक वृक्षारोपण किया जा रहा है। अपेक्स बैंक के नेतृत्व में शुक्रवार को एक ही दिन में पूरे प्रदेश के जिला सहकारी बैंकों और पेक्स केंद्रों पर 1 लाख से अधिक पौधे लगाए गए। मुख्यमंत्री ने कृषि क्षेत्र की उपलब्धियां बताते हुए कहा कि इस वर्ष (2026) रिकॉर्ड 104 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन किया गया, जबकि पूर्व में यह 78 लाख मीट्रिक टन था। किसानों को एमएसपी पर 40 रुपये बोनस के साथ 2625 रुपये प्रति क्विंटल का भुगतान और सोयाबीन पर भावांतर राशि का लाभ दिया गया है। इसके अलावा पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी जोड़ो परियोजना और दिन में बिजली आपूर्ति से सिंचाई व्यवस्था सुदृढ़ की जा रही है।

विशिष्ट अतिथि खेल एवं युवा कल्याण तथा सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने अपने संबोधन में कहा कि सहकारिता विभाग प्रदेश में दुग्ध क्रांति के माध्यम से समृद्धि के नए द्वार खोल रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष लगाए गए सभी पौधे सुरक्षित हैं और इस वर्ष भी रोपे गए पौधों की देखभाल सुनिश्चित की जाएगी। अपेक्स बैंक के अध्यक्ष (प्रशासक) महेंद्र सिंह यादव ने बताया कि प्रदेश की 4,500 से अधिक समितियों और 38 जिला बैंकों ने इस महाअभियान में सक्रिय भागीदारी की है। कार्यक्रम के समापन पर नाबार्ड की मुख्य महाप्रबंधक सुश्री सी. सरस्वती ने मुख्यमंत्री को स्मृति स्वरूप आम की टोकरी भेंट की। कार्यक्रम में प्रमुख सचिव सहकारिता डी.पी. आहूजा, आयुक्त मनोज पुष्प और प्रबंध संचालक मनोज गुप्ता सहित कई विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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