मौसम अपडेट :

दक्षिण-पश्चिम मानसून ने आज गुरुवार को बिहार की सीमा में विधिवत प्रवेश कर लिया है, जिसके साथ ही यह तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के कई नए हिस्सों को भी कवर कर चुका है। 4 जून को केरलम तट पर इसके आगमन के बाद से बीते 8 दिनों के भीतर मानसूनी हवाएं देश के 17 राज्यों में अपनी उपस्थिति दर्ज करा चुकी हैं। मौसम विज्ञानियों के अनुसार, अगले 48 से 72 घंटों के दौरान मानसून के उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और ओडिशा में दस्तक देने की पूरी संभावना है। वर्तमान में देश के एकमात्र राज्य गुजरात को छोड़कर शेष सभी हिस्सों में प्री-मानसून और मानसूनी मानचित्रीकरण प्रभावी है, जिसके कारण आज कुल 22 राज्यों में तेज बारिश का ‘यलो अलर्ट’ प्रभावी किया गया है।

मौसम के इस उग्र रूप ने कई राज्यों में जानलेवा तबाही मचाई है। बिहार के खगड़िया जिले में सुबह से जारी आंधी-बारिश के बीच वज्रपात (बिजली गिरने) होने से 5 लोगों की मौत हो गई और 4 अन्य गंभीर रूप से झुलस गए। सुबह के वक्त पटना, बक्सर और सुपौल समेत 5 जिलों में बादलों का इतना घना पहरा था कि चारों ओर अंधेरा छा गया और सड़कों पर वाहनों को हेडलाइट जलाकर रेंगना पड़ा। मौसम केंद्र ने राज्य के सभी 38 जिलों में आंधी-पानी का ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी करते हुए 7 जिलों के लिए भारी बारिश की विशेष चेतावनी जारी की है।

उत्तर प्रदेश और पंजाब में भी आंधी-तूफान के कारण कुल 5 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। उत्तर प्रदेश के बरेली, इटावा, सीतापुर और फिरोजाबाद में आंधी जनित हादसों में 4 लोगों ने दम तोड़ दिया। चित्रकूट में 4.5 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुए ऑडिटोरियम की छत ढह गई, जबकि एक पेट्रोल पंप का शेड भी हवा में उड़ गया। आज सुबह यूपी के प्रयागराज, मेरठ, सहारनपुर, गोंडा, देवरिया, बलिया, संभल और बिजनौर सहित 10 शहरों में तीव्र आंधी के साथ बौछारें पड़ीं, जिसके बाद मौसम विभाग ने सूबे के सभी 75 जिलों को हाई अलर्ट पर रखा है। वहीं पंजाब के मानसा में तेज बवंडर के दौरान एक भारी लोहे का दरवाजा गिरने से 9 साल के एक बच्चे की दर्दनाक मौत हो गई।

आगामी दो दिनों के दौरान उत्तर और मध्य भारत के मौसम में भारी उथल-पुथल की आशंका है। 12 जून को दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में 50-70 किमी/घंटे की गति से अंधड़ चलने और बारिश होने का पूर्वानुमान है। इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में ओलावृष्टि की चेतावनी दी गई है। दक्षिण भारत में केरलम और कर्नाटक के तटीय क्षेत्रों में भारी वर्षा की संभावना जताई गई है। राजस्थान के जयपुर और अलवर समेत 12 जिलों में आज आंधी-बारिश का ‘ऑरेंज अलर्ट’ है, जिससे उमस भरी गर्मी से राहत मिलेगी और यह दौर 14 जून तक खिंच सकता है।

आगामी 13 जून को दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, यूपी और उत्तराखंड में 50 से 70 किलोमीटर की रफ्तार वाली हवाओं के साथ ओले गिरने की आशंका जताई गई है। इसी दिन बिहार, झारखंड और ओडिशा में तेज आंधी-बारिश होगी, जिसमें बिहार के कुछ हिस्सों में भारी बारिश का अनुमान है। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी बारिश की गतिविधियां दर्ज की जाएंगी, जिसमें एमपी के कुछ जिलों में ओले गिर सकते हैं। वर्तमान में मध्य प्रदेश के ग्वालियर-जबलपुर समेत 34 जिलों में आंधी का अलर्ट है, जबकि शुक्रवार को मुरैना, भिंड, दतिया और निवाड़ी में ओले गिरने की संभावना है।

छत्तीसगढ़ में मानसून के अनुकूल वायुमंडलीय परिस्थितियां बन चुकी हैं, जिससे अगले 3-4 दिनों में राज्य में मानसून का आगमन सुनिश्चित माना जा रहा है। आज पूरे छत्तीसगढ़ में 60 किमी/घंटे की गति से हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की चेतावनी दी गई है। पहाड़ों पर हिमाचल प्रदेश में आज से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है, जिससे आगामी 6 दिनों तक वर्षा के आसार हैं। मौसम विभाग ने कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला जिलों में आज और कल के लिए ओलावृष्टि का ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है। इस खराब मौसम का असर हवाई यातायात पर भी पड़ा और दिल्ली आ रही 2 उड़ानों को डायवर्ट कर जयपुर भेजना पड़ा।

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