रतलाम में डायल-112 कर्मियों की मुस्तैदी से बची नवजात की जान, रेलवे ब्रिज के नीचे लावारिस हालत में मिली थी बच्ची
मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में 18 जून को पुलिस की तत्परता और संवेदनशीलता के कारण एक नवजात बच्ची को सुरक्षित बचा लिया गया। जावरा औद्योगिक क्षेत्र थाना अंतर्गत एक रेलवे ओवरब्रिज के नीचे यह नवजात शिशु लावारिस हालत में मिला था, जिसे डायल-112 के जवानों ने तुरंत अपनी देखरेख में लेते हुए अस्पताल पहुंचाया। पुलिस की इस त्वरित और मानवीय कार्रवाई की वजह से बच्ची को समय रहते सही इलाज मिल सका।
घटनाक्रम के अनुसार, 18 जून को भोपाल स्थित राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम (डायल-112) को एक आपातकालीन सूचना मिली थी। कॉलर ने बताया कि जावरा औद्योगिक क्षेत्र में रेलवे पुल के नीचे एक नवजात बच्ची पड़ी हुई है, जिसे कोई अज्ञात व्यक्ति वहां छोड़कर गायब हो गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए फौरन मौके पर पुलिस टीम भेजने का आग्रह किया गया। सूचना मिलते ही कंट्रोल रूम ने क्षेत्र में गश्त कर रहे डायल-112 वाहन को तुरंत घटना स्थल के लिए रवाना किया और साथ ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को भी मामले की जानकारी दी।
कंट्रोल रूम से मिले निर्देश के बाद डायल-112 पर तैनात आरक्षक हीरालाल दांगी और पायलट अशोक सेन बिना वक्त गंवाए मौके पर पहुंचे। उन्होंने लावारिस हालत में मिली बच्ची को सुरक्षित तरीके से अपने संरक्षण में लिया। इसके बाद पुलिसकर्मी बिना समय गंवाए बच्ची को अपने सरकारी वाहन से जावरा के शासकीय अस्पताल लेकर गए, जहां उसे तुरंत डॉक्टरों की देखरेख में भर्ती कराया गया।
डायल-112 ‘हीरोज’ श्रृंखला के तहत सामने आई यह घटना स्पष्ट करती है कि यह आपातकालीन सेवा सिर्फ दुर्घटनाओं या अपराधों तक सीमित नहीं है। संकट के समय बच्चों और असहाय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी इसका अहम हिस्सा है। पुलिस प्रशासन हर विपरीत परिस्थिति में मानवीय संवेदनाओं के साथ समाज के हर वर्ग की मदद के लिए लगातार मुस्तैद दिखाई दे रहा है।



