पासपोर्ट पुलिस सत्यापन में मध्य प्रदेश पुलिस को मिला देश में पहला स्थान, विदेश मंत्री ने किया सम्मानित

भारत सरकार के विदेश मंत्रालय ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान पासपोर्ट आवेदनों के त्वरित और पारदर्शी पुलिस वेरिफिकेशन के लिए मध्य प्रदेश पुलिस को सम्मानित किया है। नई दिल्ली में आयोजित एक विशेष समारोह में राज्य पुलिस को 5 लाख से कम आवेदनों वाली श्रेणी में पूरे देश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। 19 जून 2026 (शुक्रवार) को केंद्रीय विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने इस उत्कृष्ट कार्य के लिए राज्य को ‘इंस्टीट्यूशनल परफॉर्मेंस अवॉर्ड फॉर स्टेट पुलिस’ सौंपा।
नई दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू भवन (विदेश मंत्रालय) के ‘सी’ विंग स्थित ‘सीबी मुथम्मा हॉल’ में आयोजित इस गरिमामयी कार्यक्रम में मध्य प्रदेश पुलिस का प्रतिनिधित्व दो वरिष्ठ अधिकारियों ने किया। इसमें कानून व्यवस्था विभाग के उप पुलिस महानिरीक्षक श्री तरुण नायक और विशेष शाखा सुरक्षा की सहायक पुलिस महानिरीक्षक श्रीमती रश्मि मिश्रा शामिल हुईं, जिन्होंने राज्य की ओर से इस प्रतिष्ठित सम्मान को स्वीकार किया।
इस विशेष उपलब्धि पर मध्य प्रदेश के पुलिस महानदेशक (डीजीपी) श्री कैलाश मकवाणा ने राज्य के सभी जिलों की पुलिस टीमों, विशेष शाखा और पासपोर्ट वेरिफिकेशन कार्य में तैनात अधिकारियों व कर्मचारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह राष्ट्रीय पुरस्कार पूरी मध्य प्रदेश पुलिस की सामूहिक मेहनत, कर्तव्यनिष्ठा और सेवा के प्रति उनके जुड़ाव का सीधा परिणाम है। महानिदेशक ने अधिकारियों से अपील की कि वे भविष्य में भी इसी निष्ठा के साथ जनता को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं देते रहें।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, मध्य प्रदेश पुलिस ने अप्रैल 2025 से मार्च 2026 के मध्य कुल 3 लाख 35 हजार 647 पासपोर्ट आवेदनों के पुलिस सत्यापन का कार्य बेहद सटीक और तय समय सीमा के भीतर पूरा किया। इस बेहतरीन कार्यप्रणाली को देखते हुए ही केंद्र सरकार के विदेश मंत्रालय द्वारा राज्य को इस विशेष वर्ग में प्रथम स्थान के प्रशस्ति पत्र (साइटेशन) से नवाजा गया है।
यह पहला मौका नहीं है जब राज्य पुलिस को इस श्रेणी में सर्वोच्च स्थान मिला हो। इससे पिछले वर्ष भी मध्य प्रदेश पुलिस ने पहली बार इस राष्ट्रीय गौरव को अपने नाम किया था। लगातार दूसरे साल इस सफलता को दोहराकर प्रदेश पुलिस ने अपनी जवाबदेही, कार्यक्षमता और नागरिक सुविधाओं के प्रति अपनी प्राथमिकताओं को एक बार फिर मजबूती से साबित किया है। यह गौरवपूर्ण परिणाम आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल और समयबद्ध जांच प्रक्रिया की वजह से संभव हो सका है।


