उज्जैन में 1266 करोड़ की लागत से पेप्सिको फ्लेवर संयंत्र शुरू, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया डिजिटल लोकार्पण

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को भोपाल से वर्चुअली जुड़कर उज्जैन के विक्रम उद्योगपुरी (ग्राम नरवर) में नवनिर्मित पेप्सिको फ्लेवर कंसनट्रेट निर्माण संयंत्र का उद्घाटन किया। कुल 1266 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस अत्याधुनिक इकाई के शुरू होने को मुख्यमंत्री ने राज्य के औद्योगिक विकास के लिए एक ऐतिहासिक मोड़ बताया। उन्होंने कहा कि देश और दुनिया में धार्मिक केंद्र के रूप में विख्यात उज्जैन अब औद्योगिक प्रगति के क्षेत्र में भी एक नया अध्याय जोड़ रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने संबोधन में ऐतिहासिक संदर्भों का जिक्र करते हुए कहा कि सम्राट विक्रमादित्य के दौर में उज्जैन को दुनिया के सबसे समृद्ध और संपन्न व्यापारिक केंद्रों में गिना जाता था। सरकार का मुख्य ध्येय इस पावन नगरी को उसी पुराने आर्थिक वैभव और संपन्नता की ओर वापस ले जाना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हमारी कोशिशों का परिणाम है कि राज्य वैश्विक निवेश के बड़े केंद्र के रूप में उभर रहा है, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए नौकरियों के द्वार खुल रहे हैं। आस्था की इस नगरी को अब उद्योग, निवेश और रोजगार में भी देश का शीर्ष नेतृत्वकर्ता बनाना है।

इस निवेश को मालवा क्षेत्र की प्रगति के लिए मील का पत्थर बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के सपने को साकार करने की दिशा में ‘सशक्त उद्यमी, समृद्ध मध्यप्रदेश’ अभियान के तहत लगातार काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि उच्च तकनीक और विशिष्ट फ्लेवर कंसनट्रेट बनाने वाला यह भारत का महज दूसरा संयंत्र है, जो अब मध्य प्रदेश के उज्जैन में शुरू हो चुका है। यह विनिर्माण इकाई विक्रम उद्योगपुरी के 22 एकड़ क्षेत्र में फैली हुई है और पूरी तरह से ऑटोमेशन प्रणाली पर काम करती है।

इस नए कारखाने के संचालन से क्षेत्र के 800 युवाओं को सीधे तौर पर रोजगार के अवसर मिले हैं। मुख्यमंत्री ने पेप्सिको इंडिया होल्डिंग्स प्राइवेट लिमिटेड के शीर्ष अधिकारियों को इस शुरुआत के लिए बधाई देते हुए कहा कि इससे न केवल भारत में कंपनी की उत्पादन क्षमता बढ़ेगी, बल्कि उज्जैन और आसपास के इलाकों में सहायक उद्योगों को भी तेजी से फलने-फूलने का मौका मिलेगा। कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत अतिथियों द्वारा पारंपरिक रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर की गई।

लोकार्पण समारोह के दौरान पेप्सिको इंडिया और साउथ एशिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) जागृत कोटेचा ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि बाबा महाकाल की इस पावन धरती पर संयंत्र स्थापित करना उनकी कंपनी के लिए बेहद गर्व की बात है। उन्होंने इस परियोजना को धरातल पर उतारने में मिले सहयोग के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव, मध्य प्रदेश शासन और एमपीआईडीसी का विशेष रूप से आभार जताया। वहीं, राज्यसभा सदस्य बाल योगी उमेश नाथ जी महाराज ने इसे उज्जैन के इतिहास का एक बड़ा दिन बताते हुए कहा कि सरकार के प्रयासों से धार्मिक पहचान के साथ-साथ अब यह क्षेत्र निवेश का भी बड़ा गढ़ बनेगा।

इस महत्वपूर्ण आयोजन में मध्य प्रदेश हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष ओम जैन, नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव, एमपीआईडीसी के प्रबंध निदेशक चंद्रमौली शुक्ला और एमपीआईडीसी उज्जैन के कार्यकारी निदेशक राजेश राठौर मौजूद थे। इनके साथ ही पेप्सिको कंपनी के प्रतिनिधि हरदीप भाटिया, इंटरनेशनल बेवरेजेस के सीईओ यूजीन विलेमसेन और जनरल मैनेजर व सीनियर वाइस प्रेसिडेंट इवान नॉर्टन सहित क्षेत्र के कई गणमान्य नागरिक भी उपस्थित रहे।

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