भोपाल में वन्यजीव संरक्षण की पहल, ‘रन फॉर टाइगर’ में बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक ने लिया भाग

राजधानी भोपाल में आज ‘बाघ सप्ताह-2026’ के उपलक्ष्य में मध्य प्रदेश वन विभाग की ओर से ‘रन फॉर टाइगर’ मिनी मैराथन का आयोजन किया गया। देश के ‘टाइगर स्टेट’ के रूप में पहचान रखने वाले मध्य प्रदेश में वनों और जैव विविधता के महत्व को रेखांकित करने के लिए आयोजित इस 5 किलोमीटर की दौड़ में समाज के विभिन्न वर्गों से जुड़े लगभग 600 लोगों ने सहभागिता की।
वन भवन से प्रारंभ हुई इस दौड़ को वन बल प्रमुख शुभरंजन सेन तथा मुख्य वन्यजीव अभिरक्षक डॉ. समीता राजोरा ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। दौड़ निर्धारित रूट से होती हुई वापस वन भवन पहुंचकर संपन्न हुई। इसमें पर्यावरण प्रेमियों, स्कूली विद्यार्थियों, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों की सक्रिय उपस्थिति ने यह संदेश दिया कि प्रकृति संरक्षण एक साझा सामाजिक जिम्मेदारी है।
समारोह को संबोधित करते हुए वन बल प्रमुख शुभरंजन सेन ने कहा कि वनों का स्वास्थ्य बाघों की मौजूदगी से तय होता है। यदि बाघ सुरक्षित हैं, तो जल-स्रोत और पूरा पर्यावरण सुरक्षित रहेगा। उन्होंने धावकों को अपने-अपने क्षेत्रों में संरक्षण का संदेश फैलाने का सुझाव दिया। वहीं डॉ. समीता राजोरा ने कहा कि इस वर्ष के अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस का मूल संदेश स्थानीय व जनजातीय समुदायों को संरक्षण अभियान का केंद्र बनाना है। उन्होंने कहा कि जब समाज का हर वर्ग एक साथ दौड़ता है, तो संरक्षण की चेतना दूर तक जाती है।
दौड़ को चार प्रमुख आयु वर्गों—जूनियर (18 से कम), वेटरन्स (19-45 वर्ष), सीनियर वेटरन्स (45-60 वर्ष) और सीनियर सिटीजन (60 वर्ष से अधिक) में बांटा गया था। सभी वर्गों के विजेता महिला एवं पुरुष धावकों को पुरस्कार व प्रमाण पत्र दिए गए, साथ ही 12 वर्ष तक के छोटे बच्चों को सांत्वना पुरस्कार देकर उनका उत्साहवर्धन किया गया।
इस आयोजन के सफल संचालन में मध्य प्रदेश एथलेटिक्स एसोसिएशन का महत्वपूर्ण सहयोग रहा। कार्यक्रम का संचालन सेवानिवृत्त उप वन संरक्षक ए.के. खरे ने किया। इस दौरान प्रबंध संचालक कमलिका मोहंता सहित वरिष्ठ वन अधिकारी मनोज अग्रवाल, बी.एस. अन्निगेरी, मोहन मीणा, कृष्णमूर्ति, एच.एस. मोहंता, अजय यादव और क्षितिज कुमार विशेष रूप से मौजूद रहे।


