ईरान संकट का समाधान अमेरिकी अर्थव्यवस्था को देगा नई रफ्तार: राष्ट्रपति ट्रंप

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ जारी विवाद का समाधान होते ही अमेरिकी अर्थव्यवस्था में जबरदस्त तेजी आएगी। उनका तर्क है कि उनके प्रशासन की कर, टैरिफ और ऊर्जा नीतियां उनके पिछले कार्यकाल की तुलना में कहीं अधिक प्रभावी और बेहतर परिणाम देने वाली साबित होंगी।
फॉक्स न्यूज को दिए एक साक्षात्कार में राष्ट्रपति ट्रंप ने बाजार की मौजूदा स्थिति पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि जैसे ही यह स्थिति सुलझ जाएगी, हालात और बेहतर हो जाएंगे। उन्होंने जानकारी दी कि शेयर बाजार लगातार नए रिकॉर्ड बना रहा है और अमेरिकी नागरिकों के रिटायरमेंट यानी 401(के) खातों में जमा राशि अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंच चुकी है। उनके अनुसार, वर्तमान कार्यकाल के शुरुआती डेढ़ वर्षो में ही शेयर बाजार लगभग 80 बार नई ऊंचाइयों को छू चुका है, जो एक मजबूत आर्थिक आधार का प्रमाण है।
टेनेसी के रिपब्लिकन सांसद एंडी ओगल्स के समर्थन में आयोजित एक वर्चुअल टेली-रैली के दौरान भी ट्रंप ने इस बात पर बल दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि तेहरान को परमाणु हथियार प्राप्त करने से रोकने के लिए होने वाला समझौता और ईरान के साथ तनाव की समाप्ति अमेरिकी अर्थव्यवस्था को दुनिया की सबसे शक्तिशाली अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित करेगी। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि ईरान संकट खत्म होने के बाद ऊर्जा क्षेत्र के आंकड़ों में भी उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया जाएगा। इस दौरान उन्होंने ऊर्जा प्रभुत्व को बढ़ावा देने में ओगल्स के प्रयासों की सराहना की।
अपने चुनावी अभियानों का उल्लेख करते हुए राष्ट्रपति ने अपने टैक्स कानून को एक बड़ा कदम बताया। उन्होंने कहा कि इस कानून के माध्यम से टिप्स, ओवरटाइम की कमाई और वरिष्ठ नागरिकों की सोशल सिक्योरिटी आय पर लगने वाले कर को समाप्त कर दिया गया है। ट्रंप के अनुसार, इन प्रावधानों के बल पर रिपब्लिकन पार्टी को आगामी मध्यावधि (मिड-टर्म) चुनावों में कांग्रेस पर अपना नियंत्रण बनाए रखने और बड़ी जीत हासिल करने में मदद मिलेगी।
इसके अतिरिक्त, ट्रंप ने अमेरिका में बने वाहनों के कर्ज पर मिलने वाली ब्याज छूट और टैरिफ नीतियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इन नीतियों के कारण विदेशी वाहन निर्माता कंपनियां अमेरिका में अपनी फैक्ट्रियां लगाने के लिए प्रोत्साहित हो रही हैं। वर्तमान में देश के इतिहास में सबसे अधिक कार विनिर्माण संयंत्रों का निर्माण हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि टैरिफ व्यवस्था से न केवल देश को अरबों डॉलर की कमाई हुई है, बल्कि घरेलू ऑटोमोबाइल उद्योग, विशेषकर जनरल मोटर्स, को भी सुरक्षा मिली है।



