बुखारेस्ट यूनिवर्सिटी ऑफ इकोनॉमिक स्टडीज ने भारतीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को मानद डॉक्टरेट से किया विभूषित

रोमानिया की राजधानी बुखारेस्ट में आयोजित एक विशेष समारोह के दौरान बुखारेस्ट यूनिवर्सिटी ऑफ इकोनॉमिक स्टडीज ने भारतीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को मानद डॉक्टरेट की उपाधि प्रदान की। इस दौरान अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने शिक्षा, अनुसंधान और वैश्विक सहभागिता को मानव समाज के स्वर्णिम भविष्य के लिए अनिवार्य बताया। उन्होंने दोनों देशों के शिक्षण संस्थानों के मध्य रणनीतिक साझेदारी को और मजबूती देने का सुझाव दिया।
राष्ट्रपति मुर्मु ने अपने वक्तव्य में बुखारेस्ट यूनिवर्सिटी सहित रोमानिया के अन्य प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों से अपील की कि वे संयुक्त अनुसंधान कार्यक्रमों, अकादमिक आदान-प्रदान और शिक्षक-छात्र विनिमय पहलों को तेजी से आगे बढ़ाएं। उनका मानना था कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शैक्षणिक सहयोग बढ़ने से न केवल नवाचार को प्रोत्साहन मिलेगा, बल्कि ज्ञान के नए आयाम भी विकसित होंगे।
आधुनिक वैश्विक परिदृश्य पर चर्चा करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि वर्तमान समय में दुनिया आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, तकनीकी क्रांतियों और वैज्ञानिक प्रगति के दौर से गुजर रही है। ऐसे युग में विश्वविद्यालयों का कर्तव्य केवल अकादमिक ज्ञान बांटने तक सीमित नहीं रह जाता, बल्कि ज्ञान के साथ विवेक, नैतिक मूल्यों और मानवीय संवेदनाओं को समाहित करना भी उनका मुख्य दायित्व है।
शिक्षा को सामाजिक बदलाव का सशक्त माध्यम बताते हुए उन्होंने उल्लेख किया कि यह मात्र व्यक्तिगत विकास का जरिया नहीं, बल्कि एक समतामूलक और समावेशी समाज की आधारशिला है। अपने शिक्षक जीवन के अनुभवों को साझा करते हुए उन्होंने कहा कि एक साधारण कक्षा भी किसी परिवार की तकदीर बदल सकती है, जिसका दूरगामी और सकारात्मक प्रभाव पूरे समाज पर दिखाई देता है।
भारत की शैक्षणिक नीतियों का जिक्र करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति इसी दूरदर्शी सोच पर आधारित है। इसमें शोध, रचनात्मकता, नवाचार और अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक संस्थानों के साथ परस्पर सहयोग को विशेष प्राथमिकता दी गई है।
दोनों देशों के संबंधों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि भौगोलिक दूरी के बावजूद भारत और रोमानिया के सांस्कृतिक व ऐतिहासिक रिश्ते बेहद गहरे रहे हैं। उन्होंने स्मरण कराया कि नवंबर 1926 में गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर ने बुखारेस्ट स्थित नेशनल थिएटर में मानवता की एकजुटता पर ऐतिहासिक भाषण दिया था। इसी प्रकार, रोमानिया के प्रसिद्ध राष्ट्रकवि मिहाई एमिनेस्कु ने अपने विद्यार्थी जीवन में श्रीमद्भगवद्गीता और उपनिषदों का गहन अध्ययन किया था, जिसकी झलक उनकी साहित्यिक कृतियों में स्पष्ट रूप से मिलती है।
इस शैक्षणिक कार्यक्रम से पूर्व, राष्ट्रपति मुर्मु ने बुखारेस्ट के विक्टोरिया पैलेस में रोमानिया के प्रधानमंत्री इली बोलोजान के साथ उच्चस्तरीय वार्ता की। इस द्विपक्षीय बैठक में दोनों देशों के शीर्ष नेताओं ने व्यापार, निवेश, हरित ऊर्जा, कनेक्टिविटी और आधुनिक तकनीकों जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में पारस्परिक सहयोग का दायरा बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की।



