फर्जी बैंक गारंटी मामला: एमपी अर्बन डेवलपमेंट कम्पनी ने ठेकेदार पर दर्ज कराई एफआईआर, पुलिस जांच शुरू
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के उपक्रम मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कम्पनी (एमपीयूडीसी) ने फर्जी बैंक गारंटी जमा करने के मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए ठेकेदार के खिलाफ भोपाल के एमपी नगर थाने में पुलिस एफआईआर दर्ज कराई है। यह कार्रवाई चार अलग-अलग निर्माण कार्यों के ठेकों से संबंधित पाई गई धोखाधड़ी के बाद की गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ‘साउथ गुजरात कंस्ट्रक्शन कंपनी प्राइवेट लिमिटेड’ तथा ‘इंजीनियरिंग प्रोफेशनल कंपनी प्राइवेट लिमिटेड’ के संयुक्त उपक्रम (ज्वाइंट वेंचर) ने चार निर्माण पैकेजों को हासिल करने के सिलसिले में बैंक गारंटी जमा कराई थी।
दस्तावेजों की निष्पक्ष पड़ताल के दौरान कम्पनी प्रबंधन को प्रस्तुत बैंक गारंटी पर संदेह हुआ। इसके बाद जब एमपीयूडीसी द्वारा गारंटी पत्रों की गहनता से जांच करवाई गई, तो यह पूरी तरह से फर्जी और कूटरचित पाई गईं।
मामले की संवेदनशीलता और शासकीय व्यवस्था में धोखाधड़ी को देखते हुए नगरीय प्रशासन एवं विकास आयुक्त सह एमपीयूडीसी के प्रबंध संचालक संकेत भोंडवे ने तत्काल एक्शन लिया। उन्होंने अधिकारियों को संबंधित ठेकेदार के विरुद्ध नियमानुसार कानूनी कदम उठाते हुए अविलंब आपराधिक मामला दर्ज कराने के सख्त निर्देश जारी किए। निर्देशों के पालन में भोपाल के एमपी नगर पुलिस स्टेशन में औपचारिक शिकायत दर्ज करा दी गई है।
पुलिस ने ठेकेदार कंपनी और उसके उत्तरदायी व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है। इनमें बीएनएस की धारा 318(4) (धोखाधड़ी के जरिए संपत्ति/दस्तावेज हड़पना), धारा 336(3) (फर्जी दस्तावेज तैयार करना), धारा 338 (बैंक गारंटी और मूल्यवान प्रतिभूतियों की कूटरचना) तथा धारा 340(2) (फर्जी अभिलेखों को असली बनाकर उपयोग में लाना) शामिल हैं। इन धाराओं के तहत मामला दर्ज कर पुलिस ने पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच आरंभ कर दी है।
इस पूरी कार्रवाई पर प्रबंध संचालक संकेत भोंडवे ने स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि शासकीय प्रक्रियाओं और निर्माण कार्यों में किसी भी तरह की धांधली, धोखाधड़ी या जाली दस्तावेज प्रस्तुत करने की कोशिशों को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने दोहराया कि भविष्य में भी ऐसे कृत्यों में शामिल दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


