ऑपरेशन मुस्कान: मध्य प्रदेश पुलिस ने 10 दिनों में 13 नाबालिगों को सुरक्षित ढूंढकर परिजनों सौंपा, कई राज्यों तक चला अभियान

मध्य प्रदेश पुलिस ने पिछले 10 दिनों के दौरान राज्य भर में एक विशेष अभियान चलाकर गुमशुदा और अपहृत 13 नाबालिग बच्चों को सुरक्षित ढूंढ निकाला है। ‘ऑपरेशन मुस्कान’ के तहत की गई इस त्वरित कार्रवाई में पुलिस ने विभिन्न जिलों से गायब हुए इन बालक-बालिकाओं को सकुशल बरामद कर उनके परिवारों के सुपुर्द कर दिया। यह सफलता पुलिस टीमों के सतत मैदानी प्रयासों के साथ-साथ साइबर सेल, तकनीकी साक्ष्यों तथा मोबाइल एवं टावर लोकेशन के सटीक विश्लेषण से हासिल हुई है। इस मुहिम के दौरान मध्य प्रदेश पुलिस की टीमों ने अंतरराज्यीय स्तर पर कार्रवाई करते हुए महाराष्ट्र, गुजरात और उत्तर प्रदेश तक दबिश दी।

जिलेवार कार्रवाई के विवरण के अनुसार, कटनी पुलिस ने तीन अलग-अलग मामलों में तीन नाबालिग बालिकाओं को खोजने में सफलता पाई। एन.के.जे. थाना पुलिस ने मुंबई (महाराष्ट्र) से साइबर सेल और टावर लोकेशन की मदद से एक अपहृत बालिका को सकुशल दस्तयाब किया तथा मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया। बरही थाना पुलिस ने गुजरात के मोरवी से एक बालिका को सुरक्षित बरामद कर परिजनों को सौंपा। वहीं, कोतवाली थाना पुलिस ने बीते एक महीने से लापता बालिका को जबलपुर के ग्वारीघाट से ढूंढ निकाला।

देवास पुलिस ने भी अभियान के तहत पांच अपहृत नाबालिग बालिकाओं को सकुशल उनके परिजनों से मिलाया। इनमें से दो बालिकाओं को महज बीते 24 घंटों के भीतर खोजा गया। इसके अलावा, पुलिस ने एक-एक बालिका को इंदौर, खरगोन जिले के बड़वाह तथा शाजापुर जिले के अकोदिया से सुरक्षित दस्तयाब कर उनके परिजनों के हवाले किया।

राज्य के अन्य जिलों में भी पुलिस को बड़ी सफलताएं मिली हैं। सिंगरौली जिले के बरगवां थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अनपरा (उत्तर प्रदेश) से 16 वर्षीय नाबालिग बालिका को सकुशल बरामद किया। राजगढ़ जिले में पुलिस ने दो नाबालिगों को खोजा, जिसमें कोतवाली थाना पुलिस ने अहमदाबाद (गुजरात) से एक अपहृत बालिका को मात्र 72 घंटे में बरामद कर आरोपी को गिरफ्तार किया, जबकि लीमाचौहान थाना पुलिस ने एक 17 वर्षीय अपहृत बालक को दस्तयाब किया।

इसके साथ ही, सीहोर जिले की भैरूंदा थाना पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए एक गुमशुदा बालिका को खोजकर परिजनों को सौंपा। गुना जिले के मधुसूदनगढ़ थाना पुलिस ने भी निरंतर प्रयासों के तहत अपनी क्षेत्र से अपहृत हुई बालिका को इंदौर से सुरक्षित बरामद कर उसके परिवार से मिलाया। मध्य प्रदेश पुलिस प्रशासन का कहना है कि नाबालिग बच्चों की सुरक्षा और उनकी दस्तयाबी उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है, और इस हेतु तकनीक तथा मैदानी संसाधनों का निरंतर उपयोग किया जा रहा है।

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