मध्यप्रदेश में समान नागरिक संहिता लागू करने का ऐलान, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 80वें स्वतंत्रता दिवस पर प्रस्तुत किया विकास का रोडमैप

भोपाल के लाल परेड ग्राउंड पर आयोजित 80वें स्वतंत्रता दिवस के राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ध्वजारोहण कर परेड की सलामी ली। राष्ट्रगान और देशभक्ति की धुनों के बीच हुए इस गरिमामय आयोजन में मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को संबोधित करते हुए राज्य में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने, वर्ष 2027 को ‘युवा कल्याण वर्ष’ घोषित करने और किसानों तथा औद्योगिक विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों की जानकारी दी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने संबोधन की शुरुआत स्वतंत्रता संग्राम के अमर शहीदों को नमन करते हुए की। उन्होंने रानी दुर्गावती, रानी अवंती बाई, महाराजा छत्रसाल, टंट्या मामा भील और शहीद चंद्रशेखर आजाद के बलिदान को स्मरण किया। सामाजिक समरसता पर बल देते हुए उन्होंने घोषणा की कि ‘एक देश-एक विधान-एक प्रधान-एक निशान’ की भावना के अनुरूप मध्यप्रदेश में समान नागरिक संहिता लागू की जा रही है, जिससे महिलाओं को अन्याय व उत्पीड़न से सुरक्षा मिलेगी। साथ ही, संत गुरु रविदास जी महाराज की 650वीं जयंती 18 अगस्त से पूरे प्रदेश में मनाई जाएगी। पारदर्शी शासन के लिए 7 अगस्त से शुरू हुआ ‘मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान’ आगामी 8 जनवरी तक संचालित रहेगा।
युवाओं के सशक्तिकरण के लिए वर्ष 2027 को युवा कल्याण को समर्पित करने की घोषणा की गई। इसके तहत अगले एक वर्ष में एक लाख से अधिक युवाओं को आईटीआई तथा प्रतिवर्ष 10 हजार युवाओं को ग्लोबल स्किल पार्क में प्रशिक्षित किया जाएगा। कक्षा 10वीं के बाद पढ़ाई छोड़ने वाले विद्यार्थियों को भी हुनरमंद बनाकर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। राज्य में स्टार्टअप्स की संख्या 8 हजार से बढ़ाकर 12 हजार करने, 100 नए इनक्यूबेशन सेंटर खोलने और भोपाल, इंदौर, ग्वालियर व जबलपुर में परीक्षा संबंधी मामलों के लिए 4 फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का फैसला लिया गया है। ‘ऑरेंज इकोनॉमी’ के अंतर्गत डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स को भी पुरस्कृत किया जाएगा।
कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए वर्ष 2026 को ‘किसान कल्याण वर्ष’ के रूप में मनाया जा रहा है। भू-अर्जन पर किसानों को चार गुना मुआवजा देने का निर्णय लिया गया है। पिछले ढाई वर्षों में कृषकों के खातों में 3 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि अंतरित की गई है। राज्य को देश की ‘मिल्क-कैपिटल’ बनाने, लखपति गौपालक दीदी योजना को बढ़ावा देने और मत्स्य पालन नीति-2026 के तहत 7,430 करोड़ रुपये के निवेश समझौते की जानकारी दी गई। इसके अलावा, 44,600 करोड़ रुपये की केन-बेतवा लिंक परियोजना और स्लीमनाबाद टनल परियोजना के माध्यम से वर्ष 2028-29 तक सिंचाई क्षमता 100 लाख हेक्टेयर तक पहुंचाने का लक्ष्य है।
औद्योगिक और अवसंरचनात्मक विकास का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2027 में भोपाल में पुनः ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट आयोजित होगी। राज्य का बजट 4 लाख 38 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है और प्रति व्यक्ति आय में 9 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। भोपाल और इंदौर में मेट्रोपॉलिटन रीजन विकसित किए जा रहे हैं, जबकि 55 जिलों को निर्यात हब बनाया जाएगा। प्रदेश में हरित ऊर्जा की हिस्सेदारी 30 से बढ़ाकर 50 प्रतिशत की जा रही है। स्वास्थ्य क्षेत्र में 1 नवंबर 2026 से जांच प्रक्रिया पेपरलेस होगी और अगले छह माह में 1,000 डॉक्टरों की भर्ती की जाएगी। समारोह में उत्कृष्ट सेवाओं के लिए 47 अधिकारियों-कर्मचारियों को राष्ट्रपति पदक से अलंकृत किया गया तथा 67 हजार से अधिक कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ मिलने का उल्लेख किया गया।



