ग्वालियर-चंबल अंचल को नई रेल कनेक्टिविटी की सौगात: कैलारस-सबलगढ़-बीरपुर खंड का लोकार्पण, मेमू ट्रेन का हुआ विस्तार

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्रियों ने मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 56 किलोमीटर लंबे नव-निर्मित कैलारस-सबलगढ़-बीरपुर रेलखंड का उद्घाटन किया तथा ग्वालियर-कैलारस मेमू ट्रेन सेवा को बीरपुर स्टेशन तक विस्तारित करते हुए हरी झंडी दिखाई।

वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि ग्वालियर और भारतीय रेल का संबंध अत्यंत गहरा है। उन्होंने कहा कि औद्योगिक विकास की पहली शर्त बेहतर कनेक्टिविटी है, जिससे ग्वालियर अंचल में बैटरी स्टोरेज, फुटवियर क्लस्टर और हाइड्रोजन निर्माण इकाइयों के जरिए युवाओं को रोजगार मिलेगा। डॉ. यादव ने बताया कि लगभग 18 हजार करोड़ रुपये की लागत वाली इंदौर-मनमाड़ रेल परियोजना प्रदेश को मुंबई से जोड़ने वाला नया मार्ग बनेगी, जिसका सीधा लाभ मालवा व चंबल के औद्योगिक गलियारे, डिफेंस कॉरिडोर और टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन को मिलेगा। उन्होंने रेखांकित किया कि प्रदेश में 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक की रेल परियोजनाएं चल रही हैं। इसके साथ ही देश में 2014 तक केवल 30 प्रतिशत रहने वाला रेल विद्युतीकरण अब 70 प्रतिशत तक पहुंच चुका है और आगामी सिंहस्थ 2028 के आयोजनों के लिए भी रेलवे और केंद्र सरकार से पूरा सहयोग मिल रहा है।

केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि ‘सबके साथ और सबके विश्वास’ की भावना से शुरू हुए इस 56 किमी लंबे रेलखंड से ग्वालियर-चंबल के सैकड़ों गांवों को लाभ मिलेगा। इस मार्ग को आगे श्योपुरकलां से कोटा और फिर जयपुर तक औद्योगिक कॉरिडोर के रूप में जोड़ा जाएगा। उन्होंने बताया कि वर्ष 2011 में स्वीकृत और 2016 से निर्माणाधीन इस प्रोजेक्ट में अब तक 117 किमी पर परिचालन शुरू हो चुका है, जबकि वीरपुर से सिरौली रोड (37 किमी) और सिरौली रोड से श्योपुरकलां (33 किमी) का 95 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। आगामी कुछ महीनों में ग्वालियर से श्योपुरकलां तक सीधी ट्रेन शुरू हो जाएगी। रेल मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने मध्यप्रदेश का रेल बजट 632 करोड़ रुपये से 24 गुना बढ़ाकर 15,188 करोड़ रुपये कर दिया है। राज्य में कुल 1 लाख 55 हजार करोड़ रुपये का रेल निवेश चल रहा है, जिसके तहत 80 स्टेशनों का कायाकल्प, 5 वंदे भारत और 7 अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन तथा कई प्रमुख रेल मार्गों का दोहरीकरण व बहु-लाइन निर्माण शामिल है।

रेल मंत्री ने रोजगार और परिचालन सुधारों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि वर्ष 2014 के बाद रेलवे ने 5 लाख 54 हजार युवाओं को नौकरियां दी हैं, जो वर्तमान कार्यबल का लगभग 50 प्रतिशत है। वर्ष 2024 में स्तर 1 से 10 तक के लिए वार्षिक भर्ती कैलेंडर लागू किया गया। पिछले 12 से 14 महीनों में 3 करोड़ अभ्यर्थियों ने पारदर्शी तरीके से परीक्षाएं दी हैं और वर्तमान में चल रही प्रक्रियाओं से 1 लाख 40 हजार भर्तियां की जाएंगी। उन्होंने बताया कि व्यापक विद्युतीकरण से 704 करोड़ यात्रियों की यात्रा सुगम हुई है और ईंधन खर्च में भारी बचत आई है।

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि यह विस्तार क्षेत्र के 15 से 20 लाख यात्रियों के लिए रक्षाबंधन से पूर्व एक बड़ी सौगात है। उन्होंने बताया कि अक्टूबर 2024 में शुरू हुई यह लाइन इस वर्ष दिसंबर तक श्योपुर तक पहुंचेगी। उन्होंने क्षेत्र के ऐतिहासिक रेल विकास का उल्लेख करते हुए बताया कि ग्वालियर-आगरा सुपर एक्सप्रेस-वे स्वीकृत हो चुका है और जल्द ही ग्वालियर में टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन का भूमि-पूजन होगा। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि रेलवे के इस विस्तार से क्षेत्र की बड़ी आबादी को आवागमन के साथ-साथ व्यापार और आजीविका के नए अवसर प्राप्त होंगे।

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