मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने टीकमगढ़ में पीतल शिल्प की कार्यप्रणाली का लिया जायजा, 1099 लाख की लागत से बनेगा नया औद्योगिक क्षेत्र

मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के तहत शुक्रवार को टीकमगढ़ पहुंचे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्थानीय कुटीर व पारंपरिक उद्योगों के सशक्तिकरण पर जोर दिया। उन्होंने नगर के रोरैया मोहल्ला पहुंचकर क्षेत्र के जाने-माने पीतल शिल्पकार श्री लक्ष्मीनारायण सोनी से भेंट की और पीतल निर्माण की पारंपरिक विधा का अवलोकन किया।
शिल्पकार के घर पर मुख्यमंत्री ने धातु से निर्मित देवी-देवताओं की मूर्तियों और अन्य कलाकृतियों को देखा और दस्तकारों की कुशलता की प्रशंसा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि टीकमगढ़ की पीतल शिल्पकला राज्य की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर का गौरव है, जिसे राष्ट्रीय पटल पर स्थापित करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।
पीतल उद्योग के सर्वांगीण विकास के लिए मुख्यमंत्री ने तहसील टीकमगढ़ के ग्राम धर्मपुरा में नवीन औद्योगिक क्षेत्र के त्वरित विकास के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिए। भारत सरकार की एमएसई-सीडीपी योजना के अंतर्गत एमएसएमई विभाग द्वारा इस परियोजना पर करीब 1099 लाख रुपये खर्च किए जाने हैं।
डॉ. यादव ने विश्वास व्यक्त किया कि धर्मपुरा में प्रस्तावित इस औद्योगिक केंद्र से स्थानीय दस्तकारों को आधुनिक कार्यस्थल, बेहतर मार्केटिंग नेटवर्क और आजीविका के नए साधन उपलब्ध होंगे।
शिल्पकार के निवास पर पहुंचने से पहले मुख्यमंत्री ने “उद्यम संवाद” कार्यक्रम में शिरकत की थी। वहां उन्होंने जिले के औद्योगिक विकास, नए निवेश को आकर्षित करने तथा स्थानीय इकाइयों को प्रोत्साहन देने के विषय पर उद्यमियों, निवेशकों व स्टार्टअप प्रतिनिधियों से विचार-विमर्श किया।



