गौवंश संरक्षण के लिए सरकार प्रतिबद्ध, 3200 से अधिक पंजीकृत गौशालाओं को डीबीटी से सीधा अनुदान: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश में गौवंश के संवर्धन और संरक्षण हेतु संचालित विभिन्न योजनाओं का विवरण साझा किया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार गौवंश के बेहतर व्यवस्थापन, पोषण और सुरक्षा के प्रति पूरी निष्ठा के साथ कार्य कर रही है।
राज्य में पंजीकृत 3,212 गौशालाओं में मौजूद 5.20 लाख से अधिक गोवंश के भरण-पोषण के लिए वित्तीय सहायता निरंतर जारी है। व्यवस्था को मजबूत करने के लिए शासन ने प्रति गोवंश दैनिक अनुदान की दर में वृद्धि करते हुए इसे 40 रुपये निर्धारित किया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के वार्षिक बजट में गौशालाओं के अनुदान हेतु 620.50 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है, ताकि आवश्यक संसाधनों की कमी न आए।
वित्तीय सहायता के अंतरण में पूर्ण पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सिंगल क्लिक डीबीटी व्यवस्था अमल में लाई गई है, जिससे राशि सीधे संबंधित गौशालाओं के बैंक खातों में जमा हो रही है। सरकार के गठन के बाद से अब तक 1 हजार से अधिक नवीन गौशालाएं स्थापित कर क्रियान्वित की जा चुकी हैं, जिनमें 2 लाख से ज्यादा गोवंश का सुव्यवस्थित प्रबंधन किया जा रहा है। इसके साथ ही पशुओं के स्वास्थ्य, उचित देखभाल और नस्ल सुधार पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
कानूनी सख्ती का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में गोवंश वध पूरी तरह प्रतिबंधित है। गैरकानूनी परिवहन पर कड़ा शिकंजा कसने के उद्देश्य से नियमों को और अधिक सख्त बनाया गया है, जिसके तहत पकड़े गए वाहनों को राजसात करने का वैधानिक प्रावधान लागू है।
मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि सरकारी प्रयासों के साथ समाज का सहयोग भी आवश्यक है। जनचेतना के प्रसार के लिए प्रतिवर्ष सभी जिलों की गौशालाओं में पारंपरिक रूप से गोवर्धन पूजन कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। साथ ही, शहरों में बढ़ती आवश्यकता को देखते हुए नगरीय निकायों में वृहद स्तर की आधुनिक गौशालाओं के निर्माण व प्रबंधन का कार्य तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।



