कमजोर वैश्विक संकेतों से बाजार की सुस्त शुरुआत: सेंसेक्स 300 से अधिक अंक फिसला, सीमित दायरे में निफ्टी

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर उपजी अनिश्चितता के कारण सोमवार को भारतीय इक्विटी बाजारों की शुरुआत गिरावट के साथ हुई। सप्ताह के पहले दिन निवेशकों के सतर्क रुख के चलते बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी में 0.40 प्रतिशत तक की कमजोरी देखी गई।
शुरुआती कारोबार में 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स अपने पिछले बंद स्तर 77,264.51 की तुलना में 133.78 अंक गिरकर 77,130.73 पर खुला और कुछ ही देर में 367.58 अंक की गिरावट के साथ 76,896.93 के निचले स्तर पर आ गया। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 पिछले सत्र के 24,175.65 के बंद स्तर से 58.10 अंक फिसलकर 24,117.55 पर खुला तथा शुरुआती मिनटों में 137.25 अंक गिरकर 24,038.40 के निचले स्तर को छू गया।
सत्र के शुरुआती दौर में सुबह 9:30 बजे तक सेंसेक्स 311 अंक गिरकर 76,942 के आसपास तथा निफ्टी 113.65 अंक नीचे 24,062 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। ब्रॉडर मार्केट में भी कमजोरी का रुख रहा, जहां निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.53 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.73 प्रतिशत की गिरावट आई। सेक्टर्स की बात करें तो आईटी, मेटल, सीमेंट और मीडिया शेयरों में बिकवाली हावी रही, जबकि बैंकिंग क्षेत्र (निफ्टी बैंक व प्राइवेट बैंक) में अपेक्षाकृत स्थिरता देखने को मिली।
मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, पिछले सत्र में आई 0.35 प्रतिशत की हल्की तेजी के बावजूद तकनीकी संकेतक पूरी तरह सकारात्मक नहीं हुए हैं। निफ्टी 50 अपने 23,606 से 24,774 की तेजी के 50 प्रतिशत फिबोनाची रिट्रेसमेंट और अहम मूविंग एवरेज से नीचे ट्रेड कर रहा है। चार्ट पर 24,000 और 23,800 के स्तर महत्वपूर्ण सपोर्ट के रूप में चिह्नित हैं, जबकि 24,300-24,400 का दायरा तत्काल रेजिस्टेंस बना हुआ है। 24,400 के ऊपर स्थायी बढ़त बनने पर ही बाजार 24,800 के स्तर की ओर गति पकड़ सकता है।
दूसरी ओर, वोलैटिलिटी इंडेक्स (इंडिया वीआईएक्स) 3.5 प्रतिशत घटकर 10.68 पर पहुंच गया है, जो पिछले एक महीने से शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज के नीचे बना हुआ है। यह स्थिति दर्शाती है कि निकट भविष्य में बहुत तीव्र उतार-चढ़ाव की आशंका सीमित है। साथ ही, निफ्टी का पुट-कॉल रेशियो (पीसीआर) 0.77 से बढ़कर 0.89 दर्ज किया गया, जो सुधार का संकेत तो देता है लेकिन 1 से कम होने के कारण ट्रेंड रिवर्सल की पुष्टि नहीं करता। विशेषज्ञों के मुताबिक, 24,000 से 24,400 के दायरे से मिलने वाला ब्रेकआउट ही बाजार की आगामी दिशा तय करेगा।



