भारत और उज्बेकिस्तान अपने संबंधों को देंगे ‘व्यापक रणनीतिक साझेदारी’ का रूप, ताशकंद में पीएम मोदी और राष्ट्रपति मिर्जियोयेव की अहम बैठक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी दो दिवसीय यात्रा के दौरान रविवार को ताशकंद में उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव के साथ उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता की। इस महत्वपूर्ण बैठक में दोनों देशों ने अपने द्विपक्षीय संबंधों की व्यापक समीक्षा की और आपसी साझेदारी को ‘व्यापक रणनीतिक साझेदारी’ के स्तर पर ले जाने का निर्णय लिया। दोनों पक्षों ने भविष्य के सहयोग के लिए स्पष्ट और ठोस लक्ष्य तय करने पर सहमति जताई।
इस उच्चस्तरीय वार्ता में भारतीय प्रतिनिधिमंडल की ओर से विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, विदेश सचिव विक्रम मिस्री और विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज सहित अन्य वरिष्ठ राजनयिक उपस्थित थे। बैठक के दौरान दोनों देशों के अधिकारियों ने सुरक्षा, व्यापार और कूटनीति के साथ-साथ आपसी सहयोग के नए क्षेत्रों में साझेदारी के विस्तार पर गहन विमर्श किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में मेजबान देश के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उज्बेकिस्तान में उन्हें जो आत्मीय सम्मान और गर्मजोशी मिली, वह अविस्मरणीय है। स्वागत कार्यक्रम और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का स्मरण करते हुए उन्होंने कहा कि बच्चों के गायन और नृत्य ने उन्हें भारत और विशेषकर अपने गृह राज्य गुजरात की जीवंतता का अनुभव कराया। पूरे ताशकंद शहर को भारतीय तिरंगे के रंगों से सजाए जाने की सराहना करते हुए उन्होंने इसे दोनों देशों के बीच दिल से जुड़े रिश्ते का प्रमाण बताया।
वार्ता के दौरान प्रधानमंत्री ने रेखांकित किया कि यह वर्ष दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी की 15वीं वर्षगांठ का है। उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक अवसर पर दोनों देश अपने संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी का स्वरूप दे रहे हैं, जिसके तहत आगामी वर्षों के लिए ठोस लक्ष्य निर्धारित किए जाएंगे। इसके साथ ही, प्रधानमंत्री मोदी ने उज्बेकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस की आगामी 35वीं वर्षगांठ पर राष्ट्रपति और वहां की जनता को अग्रिम शुभकामनाएं भी दीं।
इससे पूर्व रविवार को ताशकंद में प्रधानमंत्री मोदी का औपचारिक और भव्य स्वागत किया गया, जहां राष्ट्रपति मिर्जियोयेव ने स्वयं उनकी अगवानी की। शनिवार को ताशकंद पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर उल्लेख किया कि यह उनकी उज्बेकिस्तान की चौथी यात्रा है, जो दोनों देशों के मजबूत और गतिशील होते संबंधों का प्रत्यक्ष प्रमाण है।
दौरे के सांस्कृतिक पहलू के तहत प्रधानमंत्री ने 52 स्थानीय उज्बेक योग साधकों के एक विशेष योग प्रदर्शन का भी अवलोकन किया। सोशल मीडिया पर इस सत्र की सराहना करते हुए उन्होंने इसे दोनों देशों के जन-जन के बीच बढ़ते सांस्कृतिक सेतु का उदाहरण बताया। उल्लेखनीय है कि इस सत्र में ‘योग फेडरेशन ऑफ उज्बेकिस्तान’ के छह वे सदस्य भी शामिल थे, जिन्होंने जून 2026 में अहमदाबाद में आयोजित प्रथम विश्व योगासन चैंपियनशिप में हिस्सा लिया था।



