इंदौर में 2,850 करोड़ रुपये की लागत से नए मेट्रो कॉरिडोर का शुभारंभ, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया लोकार्पण

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को इंदौर में 2 हजार 850 करोड़ रुपये की लागत से तैयार सुपर कॉरिडोर-3 से मालवीय नगर तक के नए मेट्रो कॉरिडोर का औपचारिक लोकार्पण किया। मध्यप्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड द्वारा निर्मित इस नए चरण का शुभारंभ उपस्थित अतिथियों ने बटन दबाकर किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि मेट्रो का यह विस्तार केवल आवागमन की सुविधा नहीं, बल्कि इंदौर और मालवा अंचल के विकास में एक नए युग की शुरुआत है।
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि शुरुआती चरण को मिले जनसमर्थन के बाद अब मेट्रो शहर के भीतरी भागों में पहुंच रही है, जिसे आने वाले समय में उज्जैन और पीथमपुर जैसे औद्योगिक व धार्मिक केंद्रों से भी जोड़ा जाएगा। उन्होंने गांधीनगर से मालवीय चौराहे तक 17 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर का उल्लेख किया, जिसमें कुल 16 स्टेशन शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के लिए 18 हजार 500 करोड़ रुपये की लागत वाली इंदौर-मनमाड़ नई रेल लाइन परियोजना की स्वीकृति को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इसके बनने से मुंबई जाने के लिए गुजरात होकर नहीं जाना पड़ेगा और महाराष्ट्र से सीधा संपर्क स्थापित होगा। इसके साथ ही गुना-उज्जैन-इंदौर-मनमाड़ रेल कनेक्टिविटी को भी नई मजबूती मिलेगी। राष्ट्रीय परिदृश्य की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश की 7.8 प्रतिशत आर्थिक विकास दर अमेरिका (लगभग 2 प्रतिशत) और चीन (4 प्रतिशत) की तुलना में भारत के बढ़ते वैश्विक सामर्थ्य को दर्शाती है।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि 11 किलोमीटर लंबे नए कॉरिडोर की शुरुआत इंदौर के लिए मील का पत्थर है। उन्होंने रेखांकित किया कि पहले केवल 6 किलोमीटर का दायरा बाहरी क्षेत्र तक सीमित था, लेकिन अब मुख्य इलाकों से जुड़ने से छात्रों, कर्मचारियों और व्यापारियों के समय की बचत होगी तथा सुरक्षित यात्रा मिलेगी। केंद्रीय मंत्री ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि वर्ष 2014 में देश के केवल 5 शहरों में 245 किलोमीटर मेट्रो थी, जबकि आज 26 शहरों में यह नेटवर्क करीब 1,170 किलोमीटर तक पहुंच रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भारत शीघ्र ही अमेरिका को पीछे छोड़कर विश्व का दूसरा सबसे बड़ा मेट्रो नेटवर्क वाला देश बन जाएगा, जो ‘विकसित भारत 2047’ के विजन को गति देगा।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने परियोजना के मूल लक्ष्यों को स्पष्ट करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य यातायात सुगमता के साथ-साथ शहर का विकेंद्रीकरण करना है। उन्होंने बताया कि अगले 10 से 15 वर्षों तक इंदौर क्षेत्र में मेट्रो विस्तार का काम लगातार जारी रहेगा। पहले चरण के बाद अब इसे पीथमपुर, महू, देवास, उज्जैन (अवंतिकापुरी) और मक्सी तक ले जाने की विस्तृत योजना है। श्री विजयवर्गीय ने यह भी जानकारी दी कि शहर की सुंदरता और पहचान को बनाए रखने के लिए एमजी रोड जैसे प्रमुख मार्गों पर अतिरिक्त बजट खर्च करके मेट्रो को भूमिगत करने का निर्णय लिया गया है।
इस अवसर पर केंद्रीय आवास एवं शहरी राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, इंदौर सांसद श्री शंकर लालवानी, महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव, विधायक श्री गोलू शुक्ला, श्रीमती मालिनी लक्ष्मण सिंह गौड़, श्री मधु वर्मा, सुश्री उषा ठाकुर सहित अन्य जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।


